You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
रूसी सरकार यूट्यूब पर उड़ा रही नौजवानों का मज़ाक?
रूसी प्रशासन को अपने ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों पर चोट करने के लिए संभवत: नया हथियार मिल गया है. यह है यूट्यूब पर पॉप म्यूज़िक.
रूसी नियंत्रित मीडिया के माहौल में, विपक्षी नेता एलेक्ज़े नावाल्नी के लिए यूट्यूब एक प्रमुख प्लेटफ़ॉर्म बन गया है, जिन्होंने इसका इस्तेमाल सरकारी हस्तियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों के प्रचार के लिए किया.
रूस में नौजवान बड़े पैमाने पर यूट्यूब का इस्तेमाल करते हैं, जिन्होंने मार्च में सरकारी भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ व्यापक विरोध प्रदर्शनों में बड़ी भूमिका निभाई थी.
कई लोगों को लगता है कि हाल में जो राजनीतिक रुझान वाले पॉप म्यूज़िक वीडियो यूट्यूब पर आए हैं, यह रूसी प्रशासन का काम है.
इस हफ़्ते सिंगर एलिसा वॉक्स का एक वीडियो आया जिसमें वह स्कूल टीचर बनी हैं और एक किशोर को एक रैली में जाने के लिए एक पोस्टर के साथ पढ़ा रही हैं, जिस पर लिखा है, 'स्पेलिंग की चार ग़लतियों से कम कुछ भी नहीं.'
वह उस नौजवान को बेहतर ज़िंदग़ी के सपने दिखाती है और इनाम के रूप में 'आज़ादी, पैसा और लड़कियों- यहां तक कि सत्ता' का वादा करती है.
एक वीडियो रैपर प्ताखा का भी है जिसमें नौजवान प्रदर्शनकारियों को 'लैंप पोस्ट पर चढ़ने वाले अमीरज़ादे' कहा गया है. यह उस वायरल तस्वीर के संदर्भ में है, जब मार्च में प्रदर्शनकारी एक स्ट्रीट लैंप पर चढ़ गए थे
एलेक्ज़े नावाल्नी को लगता है कि ये वीडियो रूसी प्रशासन का उनके ख़िलाफ़ बड़े पीआर कैंपेन का हिस्सा है. एक कॉलमिस्ट ने सिंगर वॉक्स के अचानक दिख रहे राजनीतिक रुझान को 'क्रेमलिन के पद्य राजनीतिक निर्देश' कहा है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)