'उज़मा की भी पहले शादी हो चुकी है'

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- Author, सुहैल हलीम
- पदनाम, बीबीसी उर्दू संवाददाता
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भारत के उच्चायोग में शरण लेने वाली 'डॉक्टर' उज़मा अगर डॉक्टर हैं तो दिल्ली में उनके जानने वालों को इसकी कोई ख़बर नहीं.
लेकिन उनका यह दावा ज़रूर है कि उज़मा की पहले भी एक बार शादी हो चुकी है और उनकी एक छोटी बच्ची भी है.
उज़मा एक मई को वाघा के रास्ते पाकिस्तान गई थीं जहां ताहिर अली नाम के एक व्यक्ति से उनकी शादी हुई. लेकिन उनका आरोप है कि यह शादी उनकी मर्जी के ख़िलाफ़ कराई गई थी. हालांकि ताहिर अली इस आरोप से इनकार करते हैं.
उज़मा ने अब इस्लामाबाद में भारत के उच्चायोग में शरण ले रखी है और वह भारत वापस आना चाहती हैं. उच्चायोग पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय से संपर्क में है.
उज़मा का आरोप है उन्हें शादी के बाद मालूम हुआ कि ताहिर शादीशुदा हैं और चार बच्चों के पिता हैं. उन्होंने इस संबंध में एक मामला भी दर्ज कराया है.
दोनों की मुलाकात मलेशिया में हुई थी जहां ताहिर टैक्सी चलाते थे.

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'शादी-शुदा हैं उज़मा'
पाकिस्तान का वीज़ा लेने के लिए उन्होंने जो पता दिया था उस पर उन्हें खोजने की सारी कोशिशें नाकाम साबित हुईं. यह एक बेहद भीड़भाड़ वाला इलाका है.
लेकिन वीज़ा एप्लिकेशन में दिए गए उनके मोबाइल नंबर से कुछ पता ज़रूर मिला. ये नंबर फ़िलहाल तो बंद है लेकिन गूगल सर्च से पता चला कि कुछ समय पहले तक वह दिल्ली के यमुना विहार इलाक़े में था.
यमुना विहार इलाक़े में वो एक बुटीक चलाती थीं और यहां आस-पड़ोस के लोग उन्हें अच्छी तरह जानते थे.
एक महिला ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उज़मा अक्सर उनके घर आया करती थीं क्योंकि दोनों दुकानें आमने-सामने थीं.
उनका दावा है कि उज़मा की पहले भी शादी हो चुकी है और उनकी एक चार साल की बच्ची है. उन्होंने अपनी बेटी के नाम पर ही बुटीक खोला था. लेकिन उनकी शादी टूट गई जिसके बाद वो बुटीक बंद करके मलेशिया चली गई थीं.

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'वीज़ा में पता'
महिला का कहना है कि वो उनसे संपर्क में थीं. वो कहती हैं, "मैंने सात-आठ दिन पहले उन्हें फोन किया था लेकिन उनका नंबर बंद आ रहा था."
वो कहती हैं, "मैं अक्सर उज़मा से कहती थी कि वो शादी कर ले. वो हमेशा जवाब देती थी कि कोई अच्छा आदमी मिलेगा तो कर लूंगी. उसने मुझे बताया था कि उसे मलेशिया में कोई पाकिस्तानी लड़का मिला है लेकिन ये नहीं कहा था कि वो शादी करने वाली है."
वो कहती हैं कि उज़मा चाहती थी कि लड़का शादी के बाद उसकी बेटी को भी अपनाए.
उज़मा के एक और पड़ोसी का कहना है कि उनके माता-पिता को उन्होंने कभी नहीं देखा. वो बताते हैं, "बस एक दादी थी जो नज़दीक चौहान बांगर इलाक़े में रहती थीं और अक्सर उनके बुटीक में आया करती थीं"
उज़मा ने अपने वीज़ा एप्लीकेशन में चौहान बांगर का ही पता दिया था.
दोनों ने ही बताया कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं कि वो डॉक्टर हैं. अपने वीजा में उज़मा ने बताया है कि वो अपनी बीमार चाची से मिलने के लिए पाकिस्तान जाना चाहती हैं.
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