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उ. कोरिया में एक और अमरीकी पकड़ा गया
उत्तर कोरिया ने एक अमरीकी नागरिक को देश के ख़िलाफ़ गतिविधियों के शक में हिरासत में लेने का दावा किया है.
उत्तर कोरिया में सरकार की तरफ़ से संचालित समाचार एजेंसी केसीएनए ने कहा है कि प्योंगयांग यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में काम करने वाले किम हाक सॉन्ग को छह मई को पकड़ा गया.
इस वक्त उत्तर कोरिया में तीन अन्य अमरीकी नागरिक भी हिरासत में हैं, इनमें प्योंगयांग यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के ही किम सांग डक भी शामिल हैं.
अमरीका पहले भी उत्तर कोरिया पर अमरीकी नागरिकों को हिरासत में लेकर मोहरों की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगा चुका है.
केसीएनए ने कहा है कि किम हाक-सॉन्ग के कथित अपराधों की जांच संबंधित संस्था कर रही है.
वहीं एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि वॉशिंगटन को उत्तर कोरिया में एक अमरीकी नागरिक को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्टों की जानकारी है.
इस मामले में प्योंगयांग में स्वीडन के दूतावास के ज़रिए अमरीकी अधिकारी से बातचीत की जाएगी.
उत्तर कोरिया से अमरीका स्वीडन के दूतावास के ज़रिए बातचीत करता रहा है.
समाचार एजेंसी रॉयटर ने किम के ऑनलाइन पोस्ट के हवाले से कहा है कि किम हाक सॉन्ग ने ख़ुद को ईसाई मिशनरी बताया था जो यूनिवर्सिटी में एक प्रायोगिक फ़ार्म खोलना चाहते थे.
पहले भी पकड़े गए अमरीकी नागरिक
किम हाक सॉन्ग उत्तर कोरिया में पकड़े गए चौथे अमरीकी नागरिक हैं.
इससे पहले प्योंगयांग यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के किम सांग-डक को अप्रैल में कथित तौर पर सरकार पलटने की कोशिश के आरोप में पकड़ा गया था. दक्षिण कोरियाई मीडिया के मुताबिक वो 55 साल के हैं और उत्तर कोरिया में कथित तौर पर मानवीय गतिविधियां कर रहे थे.
पिछले साल जासूसी के आरोप में 62 साल के किम डॉन्ग-चुल को दस साल की सज़ा सुनाई गई थी.
22 साल के छात्र ओटो वार्मबिएर को होटल से चिह्न चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और उन्हें 15 साल कड़ी मशक्कत की सज़ा सुनाई गई थी.
तनाव बरकरार
किम हाक सॉन्ग को हिरासत में लिए जाने की ख़बर ऐसे समय में आई है जब उत्तर कोरिया और अमरीका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है.
बीते शुक्रवार को उत्तर कोरिया ने अमरीका और दक्षिण कोरियाई जासूसों पर उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की हत्या की साज़िश करने का आरोप लगाया था.
अमरीकी और दक्षिण कोरियाई सरकारों ने इस आरोप पर कोई जवाब नहीं दिया है.
पिछले कुछ महीनों में उत्तर कोरिया लगातार परमाणु हमले की चेतावनी देता रहा है और अमरीका ने अपने युद्धपोत और पनडुब्बियां भी इस इलाके में तैनात किए हैं.
हालांकि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ये भी कह चुके हैं कि वो उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन से 'सही परिस्थितियों' में मिल कर सम्मानित महसूस करेंगे.
इस बीच उत्तर कोरिया के छठे परमाणु परीक्षण की धमकी के बाद अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच ज़ुबानी जंग तेज़ हो गई है.
अमरीकी सेना ने अपने विवादित थाड मिसाइल डिफेंस सिस्टम की दक्षिण कोरिया में तैनाती की है.
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