You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कितना कठिन है दो गुप्तांगों के साथ जीवन
निक्की का जन्म दो गुप्तांगों के साथ हुआ था. इस वजह से निक्की को कई मामलों में भयावह पीड़ा का सामना करना पड़ा.
उन्हें कई बार गर्भपात को झेलना पड़ा. अब निक्की को सर्जरी से गर्भाशय हटाना पड़ा है. निकी ने बीबीसी थ्री को बताया कि जब वह 17 साल की थीं तब उन्हें पता चला कि उनके दो गुप्तांग हैं.
दो जननांग के कारण निक्की की माहवारी असामान्य रूप से लंबी होती थी. इसके साथ ही असहनीय दर्द से भी गुजरना पड़ता था.
उन्होंने बीबीसी से कहा, ''दो गुप्तांगों के कारण मेरा अनुभव अजीब रहा है. डॉक्टरों से मैंने संपर्क किया और उनसे पूछा कि क्या किया जाना चाहिए.''
कई विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा आनुवांशिक विसंगति के कारण होता है. अमरीका के मायो क्लिनिक का कहना है कि गर्भाशय में मादा भ्रूण दो छोटे ट्यूबों के जुड़ने के बाद बनता है. कई मामलों में यह प्रक्रिया अधूरी रह जाती है.
जब ट्यूब पूरी तरह से साथ नहीं होते हैं तो दोनों की अलग-अलग संरचना विकसित हो जाती है. कई मामलों में एक बहुत पतला टिशू गुप्तांग में विभाजित हो जाता है. इसका नतीजा यह होता है कि दो गुप्तांग खुलने लगते हैं. इस स्थिति में दो गर्भाशय भी होते हैं.
निक्की का कहना है, ''मैं पीरियड्स के दौरान कुछ नहीं कर पाती थी. मेरी माहवारी सात से 28 दिनों तक चलती थी. एक बार तो 6 महीने तक ख़ून निकलता रहा. कई बार मुझे दो पैंट पहननी पड़ती थी, क्योंकि सैनिटरी नैपकिन भी एक सीमा तक ही इस्तेमाल कर सकती थी.''
लगभग 20 साल पहले निक्की की मुलाक़ात एंडी से हुई थी. 2014 में उन्होंने शादी कर ली थी. शादी के बाद उन्हें बच्चे की चाहत हुई.
निक्की ने बताया, ''मुझे तीन गर्भपात का दर्द झेलना पड़ा. जब भी मैं गर्भ धारण करना चाहती थी तब गर्भपात हो जाता था. ऐसे में आप ख़ुद से पूछती हैं कि ऐसा हो क्यों रहा है. मैं पूरी तरह से बुरे वक़्त में थी. इतने के बाद आपके पास बहुत ऊर्जा भी नहीं बच जाती है.''
मायो क्लिनिक की वेबसाइट का कहना है, ''डबल गर्भाशय के होने का मतलब है कि आप मां नहीं बन पाएंगी. गर्भ धारण करने के बाद भी गर्भपात की आशंका रहती है. ऐसी स्थिति में किडनी से जुड़ी समस्या का भी सामना करना पड़ता है.
ऐसे में निक्की ने सर्जरी से दोनों गर्भाशय निकलवाने का फ़ैसला किया. इसका मतलब यह हुआ कि निक्की कभी मां नहीं बन पाएंगी. निक्की का कहना है कि इस सर्जरी के बाद अब वह सामान्य गुप्तांग के साथ जी रही हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)