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ट्रंप ने रद्द की ओबामा की जलवायु परिवर्तन नीति
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ओबामा शासन के समय में जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए जारी की गई नीतियों को खत्म करने वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिेए हैं.
राष्ट्रपति का कहना है कि इससे 'कोयले को ले कर विरोध' और 'नौकरियां खत्म करने वाली नीति' खत्म होंगी.
इस आदेश के तहत पूर्व राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल के दौरान लागू की गई क़रीब आधा दर्जन नीतियां रद्द कर दी गई हैं. इससे जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा.
उद्योग जगत ने ट्रंप के इस आदेश की सराहना की है लेकिन पर्यावरण सुरक्षा समूहों ने इसकी निंदा की है.
एन्वायरमेंट प्रोटेक्शन एजेंसी की इमारत में इस आदेश पर मुहर लगाते हुए ट्रंप ने कहा, " सरकार कोयले को ले कर जारी लड़ाई का अंत कर रही है."
उन्होंने कहा, "आज के कार्यकारी आदेश के साथ मैं अमरीकी ऊर्जा पर लगे प्रतिबंधों, सरकारी रोक टोक और नौकरियां ख़त्म करने वाले नीतियों के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठा रहा हूं."
अपने चुनावी अभियान के दौरान ट्रंप ने कहा था कि वो साल 2015 में हुए जयवायु परिवर्तन समझौते से अमरीका को अलग कर देंगे.
ट्रंप के आदेश से क्या बदला?
जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रपति ट्रंप का नज़रिया पूर्व राष्ट्रपति ओबामा से अलग है. ओबामा की कहना था कि जलवायु परिवर्तन हो रहा है और इस समस्या से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता.'
नए आदेश के तहत ओबामा की स्वच्छ ऊर्जा योजना को रद्द कर दिया गया है. इस योजना में पेरिस समझौते के आधार पर अमरीका के सभी राज्यों को कार्बन उत्सर्जन की सीमा को घटाना था.
रिपब्लिकन पार्टी शासित राज्यों में इन नियमों के पसंद नहीं किया गया था, जहां तेल, कोयले और गैस पर निर्भर रहने वाले उद्योगों ने इसे क़ानूनी चुनौती भी दी है.
बीते साल कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान इस योजना को लागू किए जाने पर रोक भी लगा दी थी.
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस योजना के रद्द होने से अब लोगों को काम मिलेगा और देश में ईंधन का आयात में कमी आएगी.
प्रशासन का कहना है, "पिछली सरकार ने अपनी नीतियों से कामगारों से काम छीना. हम लोगों को काम देंगे और साथ ही पर्यावरण को भी बचाएंगे."
राष्ट्रपति ने एन्वायरमेंट प्रोटेक्शन एजेंसी का दौरा किया और ये आदेश जारी किया. इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने एजेंसी के बजट को भी एक तिहाई घटा दिया है.
हाल में ट्रंप ने जलवायु परिवर्तन का विरोध करने वाले स्कॉट प्यूरिट को एजेंसी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया था.
ट्रंप के आदेश पर प्रतिक्रिया
पर्यावरणविदों का कहना है कि वे ट्रंप के इस आदेश को कोर्ट में चुनौती देंगे.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार पर्यावरण बचाने की मुहिम से जुड़े अरबपति कार्यकर्ता टॉम स्टेयर ने कहा है, "ये अमरीकी मूल्यों का अपमान है और इससे सभी अमरीकी के स्वास्थ्य के लिए ख़तरा पैदा हो गया है."
नैचुरल रिसोर्सेस के वकील डेविड डॉनिजर ने बीबीसी को बताया, "मुझे लगता है कि ये क्लाइमेट एक्शन प्लान की जगह पर क्लाइमेट डेस्ट्रंक्शन प्लान है." उनका कहना है कि वे इस आदेश को कोर्ट में चुनौती देंगे.
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