You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
बिटक्वाइन के आगे पहली बार सोने की चमक फीकी
वर्चुअल मद्रा बिटक्वाइन का दाम पहली बार एक ओंस सोने की कीमत से ज़्यादा हो गया है.
गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में एक बिटक्वाइन 1268 डॉलर पर बंद हुआ, जबकि एक ओंस सोने की क़ीमत 1233 डॉलर पर थी.
बिटक्वाइन की क़ीमत में ताज़ा बढोतरी की वजह चीन में बढ़ती मांग मानी जा रही है.
चीनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिटक्वाइन का इस्तेमाल पैसे को देश से बाहर भेजने के लिए किया जा रहा है.
2009 में लांच होने के बाद से इस वर्चुअल करेंसी के दाम में भारी उतार चढ़ाव आता रहा है.
पढ़ें- वर्चुअल बटुए की चुनौती
हालाँकि कई विशेषज्ञों ने इस वर्चुअल करेंसी के भविष्य पर भी सवाल उठाए हैं.
इसी साल चीनी अधिकारियों ने बिटक्वाइन में व्यापार रोकने के लिए छापेमार कार्रवाइयां की थीं.
क्या है बिटक्वाइन
बिटक्वाइन एक वर्चुअल मुद्रा है जिस पर कोई सरकारी नियंत्रण नहीं हैं.
इस मुद्रा को किसी बैंक ने जारी नहीं किया है. चूंकि ये किसी देश की मुद्रा नहीं है इसलिए इस पर कोई टैक्स नहीं लगता है.
बिटक्वाइन पूरी तरह गुप्त करेंसी है और इसे सरकार से छुपाकर रखा जा सकता है.
साथ ही इसे दुनिया में कहीं भी सीधा ख़रीदा या बेचा जा सकता है.
शुरुआत में कंप्यूटर पर बेहद जटिल कार्यों के बदले ये क्रिप्टो करेंसी कमाई जाती थी.
देखें- सिक्का जो दिखाई नहीं देता
चूंकि ये करेंसी सिर्फ़ कोड में होती है इसलिए न इसे ज़ब्त किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है.
एक अनुमान के मुताबिक इस समय क़रीब डेढ़ करोड़ बिट क्वाइन प्रचलन में है.
बिटक्वाइन ख़रीदने के लिए यूज़र को पता रजिस्टर करना होता है. ये पता 27-34 अक्षरों या अंकों के कोड में होता है और वर्चुअल पते की तरह काम करता है. इसी पर बिटक्वाइन भेजे जाते हैं.
इन वर्चुअल पतों का कोई रजिस्टर नहीं होता है ऐसे में बिटक्वाइन रखने वाले लोग अपनी पहचान गुप्त रख सकते हैं.
ये पता बिटक्वाइन वॉलेट में स्टोर किया जाता है जिनमें बिटक्वाइन रखे जाते हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)