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ट्रंप के अमरीका में हिजाब पहन दिखाई ताकत
- Author, सलीम रिज़वी
- पदनाम, न्यूयॉर्क से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
अमरीका के न्यूयॉर्क शहर में बुधवार को पांचवां विश्व हिजाब दिवस मनाया गया. इसमें मुस्लिम महिलाओं के साथ-साथ ग़ैर मुस्लिम महिलाओं और पुरुषों ने भी शिरकत की.
न्यूयॉर्क सिटी हॉल के बाहर आयोजित रैली में बहुत से लोग हिजाब पहनकर आए थे.
रैली में शामिल लोगों ने माना कि डोनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से हिजाब पहनने वाली कई मुस्लिम महिलाओं को हिंसा या बुरा-भला कहे जाने का अधिक सामना करना पड़ रहा है.
ऐसी भी खबरें हैं कि कई मुस्लिम महिलाओं ने हिंसा के डर से हिजाब पहनना छोड़ दिया है.
बहुत से मुसलमान यह मानते हैं कि ट्रंप के मुस्लिम विरोधी बयानों के कारण अमरीका के आम लोगों में मुसलमानों के खिलाफ़ नफ़रत बढ़ी है.
कुछ दिन पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने सात मुस्लिम बहुल देश के लोगों के अमरीका आने पर पाबंदी लगाई थी. इससे मुसलमानों और दूसरे अमरीकी लोगों में नाराज़गी है.
रैली में शामिल यहूदी अमरीकी महिला और सिटी काउंसिल सदस्य हेलेन रोज़ेनथॉल भी अपना सर हिजाब से ढके हुए थीं.
वो कहती हैं, "मैं आज हिजाब पहनकर इस रैली में अपनी मुस्लिम बहनों के साथ खड़ी हूं. ऐसा कर मैं बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हूं.''
रोज़ेनथॉल कहती हैं, ''मैं महिलाओं के हिजाब पहनने के अधिकार के समर्थन में इनके साथ खड़ी हूं. डोनल्ड ट्रंप के अमरीकी राष्ट्रपति बनने के बाद से देश में जो माहौल बना है, उसके बाद बहुत ज़रूरी है कि हम सभी मुस्लिम लोगों के साथ खड़े हों."
ट्रंप के विरोध में आयोजित रैलियों में भी कुछ लोग अमरीकी राष्ट्रीय ध्वज को हिजाब के तौर पर पहने हुए और महिला का पोस्टर थामे दिखाई देते हैं.
रैली का आयोजन सामिया बट्ट ने किया. वो कहती हैं, "आज हिजाब दिवस के मौके पर हम हिजाब के बारे में बताते हैं. हम बताते हैं कि इसको हम क्यों पहनते हैं. मु्स्लिम बैन के क़ानून के बाद जिस तरह यहां भी सभी धर्मों के लोग हमारे साथ आए हैं, यह बहुत अच्छी बात है. हम सब मिलकर हिजाब दिवस मना रहे हैं."
हिजाब रैली में जो ग़ैर मुस्लिम लोग आए थे उनका कहना था कि वे मु्स्लिम महिलाओं को बदन या सिर ढकने के उनके अधिकार को समर्थन देने आए हैं.
एक हिंदू अमरीकी महिला सुनीता विश्वनाथ ने हिजाब पहनकर रैली को संबोधित किया. उन्होंने श्लोक भी पढ़े.
सुनीता विश्वनाथ ने कहा, "मैं हिंदू हूं, हम श्लोक में कहते हैं 'वसुधैव कुटुंबकम'- यह सिर्फ़ शब्द नहीं है. इसका मतलब है कि हम सब एक हैं. भेदभाव चाहे हिंदू या मुसलमान या किसी के भी ख़िलाफ़ ,वह ग़लत है. और आजकल अमरीका में मुसलमानों के साथ जो हो रहा है उसके ख़िलाफ़ सबको खड़ा होना चाहिए."
मुस्लिम महिलाएं सर पर जो हिजाब पहनती हैं उसको कुछ लोग इस्लाम धर्म में महिलाओं के कथित उत्पीड़न का प्रतीक समझते हैं.
लेकिन इस रैली में शामिल हिजाब पहनने वाली महिलाओं का कहना है कि वे अपनी मर्ज़ी से हिजाब पहनती हैं.
रैली में आईं अमरीकी मुस्लिम महिला पुलिस अफ़सर अमल अलसोकारी को कुछ दिन पहले हिजाब पहनने के कारण हिंसा का निशाना बनाया गया था.
वो कहती हैं, "मैं यहां से पूरी दुनिया को यह बताना चाहती हूं कि मैं अपनी मर्ज़ी से हिजाब पहनती हूं. जैसे हर महिला को आज़ादी है कि वह जो चाहें पहनें, हमें भी यह आज़ादी है कि हम हिजाब पहनें. इस कारण हमें हिंसा का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए."