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मेक्सिको-अमरीका के बीच दीवार से क्या बदलेगा?
अमरीका और उसके पड़ोसी देश मेक्सिको के बीच रिश्तों के तार बहुत पुराने हैं, लेकिन अब ये रिश्ते तनाव और अनिश्चितता के दौर में प्रवेश कर गए हैं.
हालाँकि एक-दूसरे से जुड़ाव का नाता अभी पूरी तरह टूटा नहीं है, लेकिन रिश्तों को चोट ज़रूर पहुँची है. बुधवार को राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अमरीका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के एक कार्यकारी आदेश पर दस्तख़त किए थे.
ट्रंप की इस योजना की घोषणा के बाद मेक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना निएटो ने 31 मार्च को तय अपना अमरीका दौरा रद्द कर दिया है.
इस दीवार का खर्च मेक्सिको से वहन करवाना डोनल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान के प्रमुख वादों में से एक था.
दीवार खड़ी होने से क्या-क्या बदलेगा?
रिश्तों में दरार
मेक्सिको और अमरीका के बीच पिछले तीन दशक में सहयोग बढ़ा है, फिर चाहे वो व्यापार के क्षेत्र में हो या फिर शिक्षा जैसे क्षेत्रों में. लेकिन पहली बार दोनों सरकारों के बीच खिंचाव साफ़ नज़र आ रहा है.
मेक्सिको स्थित सेंटर फ़ॉर इंटरनेशनल स्टडीज़ के सोलेडाड लोएज़ा ने बीबीसी को बताया कि मौजूदा माहौल में जल्द सुधार होने की उम्मीद नहीं है. मेक्सिको के अधिकतर लोगों को ये लगता है कि अमरीका उनके लिए ख़तरा है और कई अमरीकी लोग भी ऐसा ही मानते हैं. इस भावना को बदलना मुश्किल है.
शरणार्थियों पर अंकुश लगेगा
दीवार का सबसे बड़ा असर ये होगा कि हर दिन अमरीका में दाखिल होनो की कोशिश करने वाले हज़ारों मेक्सिकोवासियों पर अंकुश लगेगा. हालाँकि मेक्सिको से लगी सीमा पर बाड़ लगाना कोई नया काम नहीं है. करीब 1050 किलोमीटर सीमा पर बाड़ लगा दी गई है और इससे आप्रवासियों के लिए अमरीका में दाखिल होना किसी जोखिम से कम नहीं है.
व्यापार पर होगा असर
मेक्सिको अपने कुल निर्यात का 80 फ़ीसदी तक अमरीका को भेजता है. दोनों देशों के बीच प्रति मिनट तकरीबन 10 लाख डॉलर का व्यापार होता है.
अब जबकि ट्रंप ने मेक्सिको से आनेवाले सामान पर 20 फ़ीसदी कर लगाने की बात की है तो मेक्सिको के लिए कारोबार के लिए नए रिश्ते ढ़ूँढना ज़रूरी हो जाएगा. साथ ही ट्रंप ने नॉर्थ अमरीकन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (नाफ्टा) पर फिर से विचार करने की भी घोषणा की है.
सीमा पर बढ़ेगा जोखिम
सीमा पर दीवार खड़ी होने से लोग अमरीका में दाखिल होने के दूसरे विकल्प खोजेंगे और इससे उनकी जान का जोखिम भी बढ़ेगा. 1995 के बाद से (जब से मेक्सिको की सीमा पर अवरोध बनने शुरू हुए हैं) अमरीका में दाखिल होने की कोशिश कर रहे लगभग 7000 लोगों की मौत हुई है.
हालाँकि मेक्सिको में ग़ैरक़ानूनी तरीके से दाखिल होने वालों की संख्या या तो स्थिर है या घट रही है. वाशिंगटन स्थित पेव स्टडी सेंटर के आंकड़ों के अनुसार 2009 के बाद से बिना कागजात अमरीका आने वाले मेक्सिकन्स की संख्या में कमी आई है.
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