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'स्नेक फ़ार्म' की धूम है कीनिया में
- Author, गितोंगा न्जेरू
- पदनाम, बिज़नस रिपोर्टर, कीनिया
कीनिया के कितुई में मकाउ कियोको अपने स्नेक फ़ार्म में जब सांपों के साथ करतब करते हैं तो पर्यटक दांतों तले उंगली दबा लेते हैं.
अफ़्रीका के सबसे ज़हरीले सांप को हाथ में लेना 53 साल के मकाउ के लिए जान हथेली पर रखने जैसा है.
कियोको स्नेक वेन्चर्स के मालिक मकाउ अपने बचाव के लिए दस्ताने तो पहनते हैं लेकिन अगर इस सांप ने शरीर पर कहीं भी उन्हें काट लिया तो 15 मिनट में उनकी मौत हो सकती है.
इस सांप के ज़हर का असर होते ही सांस रुक सकती है, पैरालिसिस या मौत भी हो सकती है.
ये सांप इतना ज़हरीला है कि ये एक हाथी को भी मार सकता है.
लेकिन कीनिया में जिस तरह स्नेक फ़ार्म का कारोबार फलफूल रहा है इस तरह के ख़तरे उठाने वाले भी बढ़ रहे हैं.
मकाउ कियोको तो अब तक सुरक्षित रहे हैं लेकिन कुछ साल पहले उनके स्नेक फ़ार्म का एक कर्मचारी अफ़्रीका के सबसे बड़े सांप रॉक पायथन (अजगर) का शिकार हो गया था.
हालांकि उनके स्नेक फ़ार्म में ज़हर प्रतिरोधक दवाएं हैं लेकिन समय पर मदद नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई.
कियोको बताते हैं कि जब वो व्यक्ति सांप के खाने के लिए ज़िंदा बकरी उसके पास ले जा रहा था तब सांप को उससे ख़तरा महसूस हुआ और उसने उस व्यक्ति को जकड़ लिया.
सांप ने उस व्यक्ति को जकड़कर दबा दिया. सांप ने उसे खाया नहीं क्योंकि अक्सर सांप इंसानों को खाते नहीं हैं लेकिन बाद में इस व्यक्ति की मौत हो गई.
कीनिया में 42 स्नेक फ़ार्म हैं और कीनिया वाइल्ड लाइफ़ सर्विस के मुताबिक़ 21 स्नेक फ़ार्म लाइसेंस का इंतज़ार कर रहे हैं.
वैसे तो इनकी आमदनी का ज़्यादातर हिस्सा पर्यटकों से आता है लेकिन यूरोप और उत्तर अमरीका में अफ़्रीकी सांपों के निर्यात से भी अच्छी कमाई हो रही है.
चिड़ियाघरों और पालतू जानवर बेचने वाली दुकानों में इन सांपों को ख़रीदा जाता है.
अफ़्रीकी सांपों की दस हज़ार कीनियाई शिलिंग यानी सौ डॉलर तक की कीमत तक मिल जाती है.
इसके अलावा कीनिया और अन्य देशों में ज़हर निकालने और वैज्ञानिक शोध के लिए भी सांपों की ज़रूरत होती है.
कियोको कहते हैं कि उनके फ़ार्म में 1800 सांपों में आधे अजगर हैं और बाकी 32 अफ़्रीकी प्रजातियों के सांप हैं. इनकी देखभाल के लिए 16 कर्मचारी हैं.
कीनिया के नागरिकों के लिए टिकट 350 कीनियाई शिलिंग का है जबकि विदेशियों को एक हज़ार कीनियाई शिलिंग खर्च करने पड़ते हैं.
सांपों के साथ कियोको के करतब के अलावा पर्यटकों के लिए सांपों के बारे में जानने के लिए बहुत कुछ होता है.
कियोको अपने फ़ार्म पर ज़्यादातर सांपों का प्रजनन करते हैं और कई सांपों को पकड़कर लाते हैं.
वो कहते हैं कि जब लोगों के घरों में सांप घुस जाते हैं तो उन्हें सांप पकड़ने के लिए बुलाया जाता है.
सांप खुले में रहने के आदि होते हैं इसलिए उनके लिए विशाल खुले बाड़ों की ज़रूरत होती है.
वहीं कीनिया के मेरू काउन्टी में डेविड मूस्योका के स्नेक फ़ार्म में ज़हरीले माउन्ट कीनियन बुश वाइपर समेत कई उत्तरी और दक्षिणी अमरीकी सांप हैं.
54 साल के डेविड चेक गणराज्य, यूके, जर्मनी, अमरीका, मेक्सिको और ब्राज़ील में सांपों का निर्यात करते हैं.
वो बताते हैं कि चीन में सांपों का बाज़ार उभर रहा है.
वो बताते हैं कि कई बार उनके फ़ार्म से सांप चुराकर डॉक्टरों को ग़ैरकानूनी तौर पर बेचे गए हैं.
सांपों का गोश्त ब्लैक मार्केट में बेचा जाता है.
कीनिया के राष्ट्रीय संग्रहालय में कार्यरत अल्बर्ट ओटिनो कहते हैं कि सांपों की खेती एक स्थाई कमाई का ज़रिया हो सकती है लेकिन एक स्नेक फ़ार्म को शुरू करने के लिए आपको कम से कम 30 लाख शिलिंग या 30 हज़ार डॉलर जुटाने पड़ेंगे.
जबकि यूनिवर्सिटी ऑफ़ नैरोबी से जुड़े प्रॉफ़ेसर जेर्मानो म्वाबू का कहना है कि इस व्यापार के लिए सिर्फ़ पैसा काफ़ी नहीं है बल्कि रेंगने वाले जीवों के बारे में अच्छी खासी जानकारी भी चाहिए.
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