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विमान में छह सीटें 'केवल महिलाओं के लिए'
एयर इंडिया ने अपने घरेलू उड़ानों में बुधवार से केवल महिलाओं के लिए सीट शुरू की है.
कंपनी ने विमान में पुरुष यात्रियों की ओर से एयर होस्टेस और महिला यात्रियों को छेड़े जाने की शिकायत आने के बाद ये कदम उठाया है.
ये नियम विमान की इकोनॉमी उड़ानों में पहले की छह सीटों पर लागू होंगी.
ये छह सीटें बुधवार से कंपनी के एयरबस ए320 की उड़ानों में उपलब्ध होंगी.
चेक-इन करते समय कोई भी अकेली महिला यात्री इन सीटों की मांग कर सकती है. इसके लिए उन्हें कोई अतिरक्त पैसा नहीं देना होगा.
एयर इंडिया की प्रबंधक मीनाक्षी मलिक ने अंग्रेज़ी अखबार द हिंदू को बताया कि कंपनी अकेले सफर कर रही महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती है.
मीनाक्षी मलिक ने कहा, "राष्ट्रीय स्तर की विमानन कंपनी होने के कारण ये हमारी ज़िम्मेदारी बनती है कि हम महिला यात्रियों की सुरक्षा और आराम का ख्याल रखें."
एयरलाइन ने परेशान या शोर शराबा करने वाले यात्रियों पर निगरानी रखने वाले नियंत्रकों की संख्या बढ़ाकर चार कर दिया है.
अगले कुछ महीनों में एयर इंडिया अपने दूसरे विमानों में भी केवल महिलाओं के लिए सीट की व्यवस्था करेगा.
हालांकि एयर इंडिया के इस कदम से कई लोग खुश नहीं हैं.
भारत में यात्रियों की महत्वपूर्ण संस्था के प्रमुख ने महिलाओं के लिए अलग सीटों की व्यवस्था का विरोध किया है.
विमानों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की व्यवस्था दुनिया भर में कहीं नहीं हैं.
एयर इंडिया के पूर्व कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र भार्गव ने भी द हिंदू से कहा है, "जहां तक मेरी जानकारी है, इस तरह की व्यवस्था दुनिया में अभी कहीं नहीं है. विमान महिला यात्रियों के लिए असुरक्षित कभी नहीं रहे."
जितेंद्र कहते हैं, "किसी भी असहज व्यवहार की स्थिति में एयरलाइन चालक दल के सदस्य कानून के मुताबिक कार्रवाई कर सकते हैं."
एयरलाइन से जुड़ा ये कोई पहला विवाद नहीं है.
2015 में विमान कंपनी के एक बॉस ने विमान परिचारकों को कहा था कि उनका वजन विमान के हिसाब से अधिक है और वे कंपनी के ईंधन का खर्चा बढ़ा रहे हैं.