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क्या सार्वजनिक स्थानों पर पॉर्न देखा जाना चाहिए?
यह बात छिपी हुई नहीं है कि इंटरनेट पर बड़ी संख्या में लोग पॉर्न देखते हैं लेकिन अगर कोई सार्वजनिक स्थान पर ही पॉर्न देखने लगे तो आपको कैसा लगेगा. बीबीसी की सियोभान तिघे के साथ ऐसा ही हुआ जब वो लंदन में एक बस में सफर कर रही थीं.
पढ़िए उन्हीं के शब्दों में उनका अनुभव
दफ्तर से निकलते हुए मैं थकी हुई थी. साढ़े सात बजे शाम मुझे बस मिली. मौसम ठंडा था और सारे लोग अपने गर्म कपड़ों में टोपी, हुड लगाए बैठे थे. बस में लाइट भी कम थी.
मुझे एक अजनबी के बग़ल की सीट मिली, मुझे सीट मिलने की खुशी भी हुई क्योंकि मैं बस घर पहुंच जाना चाहती थी. मेरे साथ बैठा आदमी खिड़की की तरफ था. खिड़की से बाहर झांकते हुए अचानक मेरी नज़र उसके मोबाइल पर पड़ी. हालांकि मैं ताका झांकी नहीं कर रही थी लेकिन बस की लाइट कम थी और उसके मोबाइल की स्क्रीन चमक रही थी.
हालांकि उसने मोबाइल अपनी तरफ कर रखा था लेकिन फिर भी इतना दिख रहा था जिससे मुझे पता चल गया कि वो व्यक्ति मोबाइल पर पॉर्न देख रहा था.
जैसे ही मुझे अहसास हुआ, मेरी नज़रें बार बार उधर जाने लगीं जबकि मैं ऐसा करना नहीं चाहती थी. पहले वो व्यक्ति एक एनिमेशन वाली पॉर्न देख रहा था जिसके बाद उसने पॉर्न फिल्म चला ली थी. मुझे कोई आवाज़ नहीं सुनाई पड़ रही थी क्योंकि उस व्यक्ति ने हेडफोन लगा रखे थे.
उस व्यक्ति ने सर पर हुड पहन रखा था और शायद इसी कारण उसे पता नहीं चल पाया कि मैं उसका मोबाइल देख पा रही हूं. थोड़ी देर के बाद उसका स्टॉप आ गया और उसने मुझसे रास्ता देने को कहा. मैंने रास्ता दिया और वो शुक्रिया कह कर निकल गया.
मैं बता नहीं सकती मुझे कैसा लगा. हम दोनों की आंखें मिलती तो मैं शायद कहती कि वो ग़लत कर रहा था लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. मैं बस से उतरी तो मेरा दिमाग़ भन्नाया हुआ था. मैं सोच रही थी कि क्या सावर्जनिक स्थानों पर पॉर्न देखने के बारे में कोई क़ानून नहीं है. क्या बसें सही जगह हैं पॉर्न देखने की. अगर मेरी जगह कोई बच्ची होती तो क्या होता.
सच कहूं तो मुझे उस व्यक्ति का बस में पॉर्न देखना ग़लत लगा था. मैंने दूसरे दिन दफ्तर में इस बारे में बात की तो पता चला कि हर किसी के पास इससे जुड़ा कोई न कोई अनुभव है.
एक दोस्त ने बताया कि एयरपोर्ट पर दो इटालियन लड़के सार्वजनिक रूप से पॉर्न देख रहे थे और उन्हें मना करना पड़ा.
मैंने डरहम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर क्लेयर मैकग्लिन से बात की जो पॉर्न मामलों के क़ानून के जानकार हैं. उन्होंने बताया कि सार्वजिनक स्थानों पर पॉर्न देखने को रोकने के लिए कोई विशेष क़ानून नहीं है ब्रिटेन में.
उनके अनुसार जैसे आप किताबें पढ़ते हैं वैसे ही पॉर्न देखते हैं. चूंकि ब्रिटेन में पॉर्न देखना प्रतिबंधित नहीं है इसलिए इस पर कुछ किया नहीं जा सकता.
हालांकि जब मैंने इस मामले में लंदन ट्रांसपोर्ट से बात की तो उन्होंने इस मसले को बेहद गंभीरता से लिया. उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में पुलिस को फोन किया जा सकता है.
हालांकि प्रोफेसर मैकग्लिन कहते हैं कि क़ानूनन पुलिस बहुत कुछ कर नहीं सकती है. हालांकि एक अधिकारी जेम्स टर्नर ने बीबीसी को फोन कर के बताया कि इस मामले में Indecent displays (Control) act है जिसके तहत इसे रोका जा सकता है.
पांच साल पहले अमरीका में विमानों में पॉर्न देखने के मामले ने तूल पकड़ा था जिसके बाद इस पर प्रतिबंध लगाया गया. हालांकि बसों में न तो विमानों की तरह फ्लाइट अटेंडेंट नहीं होते और न ही ट्रेन में. ऐसे में किसी अजनबी को ऐसा करने से रोकना कितना संभव होगा. इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है.
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