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एक क्रिसमस सेल्फी वाली भी
25 दिसंबर को दुनिया भर में क्रिसमस का त्योहार पूरे जश्न के साथ मनाया गया. ये तस्वीरें वेस्ट बैंक में बेथलेहम के 'चर्च ऑफ नैटिविटी' की है.
आधी रात के वक्त चर्च के पादरियों ने इकट्ठा होकर प्रार्थना समारोह में हिस्सा लिया.
क्रिसमस की अहमियत का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि दुनिया भर में ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है.
ये तस्वीर आयरिश सैलानी गेम्मा वुड्स की है जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में उत्तरी गोलार्ध का माहौल बनाने की कोशिश की.
सिडनी में मौसम गर्म था. शहर के बॉन्डी बीच पर क्रिसमस के दिन अच्छी खासी भीड़ देखी गई.
सेल्फी लेने के लिहाज से इस मौसम को बेहतरीन कहा जा सकता है.
तस्वीर ताइवान की है पर ये असली पोप नहीं हैं.
कागज से बने पोप फ्रांसिस के इस कट आउट के साथ लोग तस्वीर खिंचाते देखे गए.
हालांकि इंडोनेशिया मुस्लिम बहुल देश है लेकिन यहां हिंदू समुदाय भी हैं और ईसाई भी.
तस्वीर इंडोनेशिया के सुराबया की है जहां के स्थानीय ईसाई समुदाय ने इकट्ठा होकर प्रार्थना समारोह में हिस्सा लिया.
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में सेंट कैथेड्रल गिरिजाघर. तस्वीर में प्रार्थना करते लोगों को देखा जा सकता है. मेलबर्न नाकाम चरमपंथी हमलों के निशाने पर रह चुका है.
क्रिसमस के साथ एक और अच्छी बात ये भी है कि दुनिया के उन हिस्सों में भी इसका जश्न मनाया जाता है, जहां ईसाइयों की आबादी का अनुपात कम है.
वैटिकन जो एक तरह से ईसाई धर्म का मुख्यालय है. ईसाई धर्म गुरु पोप फ्रांसिस की सत्ता यहीं है.
आधी रात को बेबी जीसस की मूर्ति को चूमते हुए पोप फ्रांसिस.
भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में भी ईसाई समुदाय बड़ी संख्या में है. तस्वीर कोलंबो की है जहां एक महिला एक धार्मिक गतिविधि में हिस्सा लेते हुए.
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