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अमरीका ने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध 10 साल के लिए बढ़ाए
अमरीकी सीनेट ने ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को 10 साल के लिए और बढ़ा दिया है.
प्रतिबंध के तहत जो अमरीकी कंपनी ईरान के साथ किसी भी तरह का व्यापार करती हैं उन्हें दंडित किया जा सकता है.
ईरान ने सीनेट के फ़ैसले को उसके और छह अन्य महाशक्तियों के बीच हुए परमाणु समझौते का उल्लंघन बताया है.
इससे पहले ओबामा प्रशासन ने कहा था कि ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को बढ़ाने की कोई ज़रूरत नहीं है. लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत वाली कांग्रेस का तर्क था कि आर्थिक प्रतिबंधों को बढ़ाया जाना ज़रूरी है ताकि निर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को और ज़्यादा अधिकार मिल जाएं.
कांग्रेस का तर्क है कि अगर ईरान पिछले साल हुए परमाणु समझौते पर अमल करने में विफल रहता है तो उसे दंडित करना अमरीका के लिए आसान हो जाएगा इसी वजह से ये प्रतिबंध आगे बढ़ाने ज़रूरी हैं.
इससे पहले बीबीसी से ख़ास बातचीत में अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के प्रमुख ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को ख़बरदार किया था कि ईरान के साथ परमाणु समझौते को ख़त्म करना 'विनाशकारी' और 'मूर्खता की इन्तहा' हो सकता है.
बीबीसी से ख़ास बातचीत में सीआईए के निदेशक जॉन ब्रेनन ने सीरिया में हालात को बिगाड़ने के लिए रूस को ज़िम्मेदार ठहराते हुए ट्रंप को सलाह दी है कि वो रूसी वादों से होशियार रहें.
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