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ले गई दिल गुड़िया जापान की
- Author, इंदु पांडेय
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
सदियों से जापान में गुड़िया रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक हिस्सा रही है. काबुकी जापान की वो दुनिया है जो अपने डांस ड्रामा के लिए जानी जाती है और ये गुड़िया काबुकी की दुनिया से आती हैं जो अपनी खास तरह के केश सज्जा के लिए जानी जाती हैं.
हर तीन मार्च को बेटियों वाले जापानी परिवार बेटियों के अच्छे स्वास्थ्य और ख़ुशी के लिए हिना मस्तूरी नाम का एक त्यौहार मनाते हैं, जिसे गुड़ियों और लड़कियों का त्योहार माना जाता है.
गुड़ियों के इस त्योहार का इतिहास क़रीब हज़ार साल पुराना है, जो इडो काल (1603-1868) से शुरू होता है, जब यह परंपरा शुरू हुई कि जापानी कैलेंडर के तीसरे महीने के तीसरे दिन गुड़िया दिखाने के लिए रखा जाता है.
इशिमात्सू गुड़िया जो बच्चों के लिए जानी जाती है . आज भी जापान के हर घर में हिना मस्तूरी मनाया जाता है. इस त्योहार से कुछ दिन पहले ही लड़कियां और उनकी माँएं हिना को बाहर निकाल लेती हैं और उन्हें एक लाल कपड़े पर सजा लेती हैं.
जापानी भाषा में हिना मतलब गुड़िया और मात्सुरी मतलब उत्सव या पर्व होता है. गुड़ियों के देश जापान का ये पर्व भी गुड़ियों की तरह ही प्यारा और अनोखा है.
जापान का इवात्सुकी शहर गुड़ियों के लिए मशहूर है. यहाँ हर तरह की गुड़ियों का निर्माण होता है जो पेपर,लकड़ी और कपड़ों से बनाई जाती है.
जापानी परिवार में पहली लड़की के पैदा हनी पर गुड़ियों का पूरा सेट लिया जाता है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक चलता है.
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