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सभी मंत्रियों के विभाग तय | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ ही सभी मंत्रियों को विभागों का बँटवारा भी हो गया है. इस विस्तार के बाद जहाँ कपिल सिब्बल को मानव संसाधन विकास मंत्रालय दिया गया है तो आनंद शर्मा को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री बनाया गया है. मुरली देवड़ा एक बार फिर पेट्रोलियम मीडिया में लग रहे अनुमान के अनुसार ही सुशील कुमार शिंदे को ऊर्जा मंत्री बनाया गया है और जयपाल रेड्डी को शहरी विकास मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय इस बार अंबिका सोनी सँभालेंगी और वीरप्पा मोइली क़ानून और न्याय मंत्रालय देखेंगे. द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के प्रतिनिधियों दयानिधि मारन को कपड़ा, एमके अड़ागिरी को रसायव एवं उर्वरक और ए राजा को संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग दिया गया. छह प्रमुख मंत्रालय तो पहले ही बाँट दिए गए थे, जिनमें पी चिदंबरम् को गृह, प्रणब मुखर्जी को वित्त, एके एंटनी को रक्षा, एसएम कृष्णा को विदेश, ममता बनर्जी को रेल और शरद पवार को कृषि मंत्रालय दिया गया था. राज्य मंत्री
जिन मंत्रियों को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है उनमें प्रफ़ुल्ल पटेल को पिछली बार की तरह एक बार फिर नागरिक उड्डयन मंत्रालय का ज़िम्मा सौंपा गया है वहीं पिछली बार के गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल इस बार कोयला मंत्रालय सँभालेंगे. राज्य मंत्रियों में राहुल गाँधी के यूथ ब्रिगेड को प्रमुख मंत्रालय दिए गए हैं. इनमें ज्योतिरादित्य सिंधिया को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, डी पुरंदरेश्वरी को मानव संसाधन विकास मंत्रालय, जितिन प्रसाद को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सचिन पायलय को संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा शशि थरूर को विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है. शपथ ग्रहण इससे पहले गुरुवार को 59 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. इनमें 14 कैबिनेट मंत्री थे. शपथ लेने वालों में जहाँ साठ साल से ऊपर के फ़ारुक़ अब्दुल्ला थे जिन्हें अक्षय ऊर्जा मंत्रालय सौंपा गया है तो वहीं 28 साल की अगाथा संगमा सबसे युवा मंत्री बनीं. उन्हें ग्रामीण विकास राज्य मंत्री बनाया गया है. उत्तर पूर्व से सांसद बनी अगाथा संगमा, सलमान खुर्शीद, जितिन प्रसाद और सचिन पायलट ने जहाँ हिंदी में शपथ ली तो वहीं कई मंत्रियों ने अंग्रेज़ी में शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पार्टी महासचिव राहुल गाँधी और हफ्ते भर पहले शपथ ले चुके अन्य वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद थे. उत्तर प्रदेश और बिहार पिछड़े
लगभग डेढ़ दशक बाद ऐसा हुआ है कि केंद्र में बनने वाली किसी सरकार में बिहार का दबदबा नहीं है. वहाँ से सिर्फ़ एक कैबिनेट मंत्री हैं, कांग्रेस सांसद मीरा कुमार जिन्हें इस बार जल संसाधन मंत्रालय दिया गया है. सबसे अधिक अस्सी सांसदों वाले उत्तर प्रदेश से कोई भी कैबिनेट स्तर का मंत्री नहीं होगा. वहाँ से पाँच नेता राज्यमंत्री बने हैं जिनमें दो को स्वतंत्र प्रभार दिया गया है. इस बार तमिलनाडु और महाराष्ट्र से कैबिनेट स्तर के पाँच-पाँच मंत्री हैं. तमिलनाडु से कांग्रेस के पी चिदंबरम् और जीके वासन, डीएमके के ए राजा, एमके अड़ागिरी और दयानिधि मारन शामिल कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं. महाराष्ट्र के जिन पाँच नेताओं को मनमोहन सिंह की कैबिनेट में स्थान मिला है, उनमें कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख, मुकुल वासनिक, सुशील कुमार शिंदे, मुरली देवड़ा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के शरद पवार शामिल हैं. |
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