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छह मंत्रियों के विभागों का बँटवारा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में शपथ लेने वाले 19 मंत्रियों में से छह मंत्रियों के लिए मंत्रालयों की घोषणा शनिवार को कर दी गई है. राष्ट्रपति भवन सचिवालय से बताया गया है कि प्रणव मुखर्जी, एसएम कृष्णा, एके एंटनी, पी चिदंबरम, ममता बनर्जी और शरद पवार के लिए मंत्रालयों की घोषणा कर दी गई है. कैबिनेट के नए चेहरे एसएम कृष्णा को विदेश मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है जबकि विदेश मंत्रालय देख रहे प्रणव मुखर्जी को इसबार वित्तमंत्री बनाया गया है.
मुंबई हमलों के बाद से गृहमंत्रालय की ज़िम्मेदारी संभाल रहे पी चिदंबरम के पास अभी भी यह ज़िम्मेदारी यथावत बनी हुई है. वहीं एके एंटनी रक्षा मंत्रालय और शरद पवार कृषि मंत्रालय संभालते रहेंगे. कैबिनेट का दूसरा नया चेहरा है ममता बनर्जी का. ममता बनर्जी को रेल मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया है. ममता के पास रेल मंत्रालय का दायित्व इस सरकार से पहले भी रहा है. बाकी के मंत्रियों के बारे में मंत्रालयों के वितरण की घोषणा फिलहाल नहीं की गई है. इस बारे में जब राष्ट्रपति सचिवालय में संपर्क किया तो बताया गया कि इस बारे में अभी कुछ निर्णय नहीं लिया गया है कि कबतक इस जानकारी को सार्वजनिक किया जाएगा. कैबिनेट की पहली बैठक शपथ ग्रहण के एक दिन बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई थी. इसमें फ़ैसला किया गया है कि 15वीं लोक सभा का सत्र एक जून से लेकर नौ जून तक चलेगा. ये भी तय हुआ कि राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को चार जून को संबोधित करेंगी. राज्य सभा का सत्र भी चार जून को शुरु होगा.
नए सांसद एक और दो जून को शपथ लेंगे और लोक सभा स्पीकर का चयन तीन जून को होगा. कांग्रेस नेता पी चिदंरबरम ने बताया कि 31 जुलाई से पहले बजट पेश कर दिया जाएगा. मनमोहन सिंह ने शुक्रवार शाम को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. शनिवार को अपना कार्यभार संभालने से पहले सुबह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह महात्मा गांधी समेत कई नेताओं की समाधियों पर गए और श्रद्धा सुमन अर्पित किए. इस बीच डीएमके के साथ मंत्री पदों के बटवारे को लेकर अभी कोई सहमति नहीं बन पाई है. मंत्रिमंडल मंत्रालयों के बँटवारे पर मतभेद होने के कारण डीएमके ने यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन देने का फ़ैसला किया है.
शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उम्मीद जताई है कि डीएमके स्थिति समझेगी और कुछ ही दिन में अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करेगी. उन्होंने ये भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता अर्थव्यवस्था की हालत सुधारना होगी. मंत्रिमंडल में प्रणब मुखर्जी, पी चिदंबरम, एके एंटनी, कपिल सिब्बल, कमलनाथ, शरद पवार, ममता बनर्जी, शरद पवार, सुशील कुमार शिंदे समेत 19 नेताओं को शामिल किया गया है. कहा जा रहा है कि अगले हफ़्ते मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा. प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अगले विस्तार में अन्य कैबिनेट मंत्रियों के साथ ही राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) और अन्य राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी. |
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