जाट आंदोलन: 'यौन हिंसा के बारे में पत्र, ईमेल से बताएं'

इमेज स्रोत, AP
- Author, संजय शर्मा
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा कि जाट आंदोलन के दौरान कथित यौन शोषण की शिकार हुई महिलाएं घटना के बारे में चीफ़ जुडिशियल मैजिस्ट्रेट को पत्र, ईमेल या किसी रिश्तेदार के ज़रिए सूचित कर सकती हैं.
अदालत ने ये आदेश अख़बार ट्रिबियून में छपी एक खबर का संज्ञान लेते हुए दिया है.

इमेज स्रोत, AFP
इस अखबार में ये एक रिपोर्ट छपी थी कि जाट आंदोलन के दौरान सोनीपत के नजदीक मूर्थल इलाके में महिलाओं के साथ कथित तौर पर बलात्कार हुआ था.
अखबार के मुताबिक पीड़ित महिलाएं डर के मारे सामने नहीं आ रही हैं और उन्हें पुलिस ने भी इस मामले में चुप रहने को कहा था.

इमेज स्रोत, REUTERS
अदालत ने गृह सचिव और डीजीपी को इस मामले में अलग से रिपोर्ट पेश करने को कहा है.
आरक्षण की मांग को लेकर शुरू हुए जाट आंदोलन में 10 दिनों में ख़ासी हिंसा हुई और 28 लोगों की मौत हो चुकी है.

इस दौरान आगजनी से राज्य को करीब 1800 से 3400 करोड़ तक का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है.
अदालत ने इस आंदोलन के दौरान लोगों की संपति को हुए नुकसान, इंशोरेंस के पैसे के भुगतान और यौन शोषण के मामलों में मदद के लिए डेस्क बनाने का भी आदेश दिया है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












