अरुणाचल में राष्ट्रपति शासन पर केंद्र को नोटिस

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सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के वकील से वो रिपोर्ट पेश करने को कहा है जिसके आधार पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया है.
अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी किया है और शुक्रवार तक जवाब मांगा है.इस मामले पर अगली सुनवाई एक फरवरी को होगी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश कांग्रेस पार्टी की उस याचिका पर सुनाया है जिसमें राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश को चुनौती दी गई है.
एक दिन पहले ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की केंद्र सरकार की सिफ़ारिश को मंज़ूरी दे दी.
कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियों ने भी अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने का विरोध किया है जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि राज्य में राजनीतिक संकट के मद्देनजर उसने अपनी ज़िम्मेदारी निभाई है.
अरुणाचल प्रदेश में पिछले महीने से राजनीतिक संकट चल रहा है. राज्य में 60 सदस्यीय विधानसभा में सत्तापक्ष कांग्रेस के 47 में से 21 विधायकों ने मुख्यमंत्री नाबाम टुकी को हटाने की मांग की थी.
निवर्तमान मुख्यमंत्री नाबाम टुकी ने आरोप लगाया था कि राज्यपाल राजखोवा 'भाजपा के एजेंट' के रूप में काम कर रहे हैं और कांग्रेस के बाग़ी विधायकों के साथ उनकी सरकार गिराने की साज़िश रच रहे हैं. राज्य विधानसभा में भाजपा के 11 विधायक हैं.
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