मोदी किसान से मां छीन रहे हैं: राहुल गांधी

- Author, सलमान रावी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि मोदी सरकार किसानों की न सिर्फ़ ज़मीन छीन रहे हैं बल्कि किसानों से उनकी मां भी छीन रहे हैं.
राहुल गांधी के अनुसार किसान की ज़मीन उनकी मां समान होती है.
रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की किसान-मज़दूर सम्मान रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने ये बातें कहीं.
रैली में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, अजय माकन, गुलाब नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे आदि वरिष्ठ नेता मौजूद हैं.
राहुल गांधी ने मैदान में ठसाठस भरे किसानों को संबोधित करते हुए कहा, "हर किसी की मां होती है. मगर किसान की दो मां होती है. और प्रधानमंत्री किसान की मां छीन रहे हैं."
'टेक इन इंडिया'
उन्होंने ये भी कहा कि भूमि बिल का मोदी सरकार की ओर से वापस लिया जाना किसानों की जीत है.

वे मोदी के 'मेक इन इंडिया' पर तंज़ करते हुए कहा कि इसका नाम होना चाहिए 'टेक इन इंडिया'.
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार कुछ बना नहीं रही है बल्कि लोगों से उनकी चीज़ ले रही है.
राहुल के बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किसानों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा और खाद्य सुरक्षा बिल को कमज़ोर कर रही है.
इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि मोदी किसानों को कमज़ोर समझते हैं.

सोनिया गांधी कहती हैं, "जब से मोदी की सरकार आई है मज़दूर और किसान के संकट बढ़ गए हैं. देश में कहीं सूखा और तो कहीं बाढ़."
उन्होंने कहा कि आज वक़्त की ज़रूरत है कि हल और हाथ की ताक़त साथ आए.
रामलीला मैदान में दो अलग अलग स्टेज बनाए गए हैं. एक पर नेता मौजूद हैं और दूसरे पर राहुल गांधी, मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और दूसरे वरिष्ठ कांग्रेस नेता बैठे हैं.
भाजपा का पलटवार
भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं केंद्रीय संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस किसानों को हमेशा ग़रीब रखना चाहती है.

इमेज स्रोत, Vamdev Tewari
कांग्रेस की किसान रैली के फ़ौरन बाद संवाददाता सम्मलेन को सम्बोधित करते हुए प्रसाद ने सवाल किया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शुरू की गई जनधन योजना में जो 18 करोड़ खाते खोले गए हैं वो ग़रीबों और किसानों के हैं या नहीं?
उनका कहना था कि प्राकृतिक आपदा में मुआवज़े की राशि सवा डेढ़ लाख करोड़ रूपए से बढ़ाकर चार लाख करोड़ करने का काम मौजूदा सरकार ने ही किया है.
सरकार ने इस मुआवज़े की सीमा को पचास प्रतिशत के नुक़सान से घटाकर 33 प्रतिशत किया है जिसकी वजह से किसानों को काफ़ी राहत मिली है.
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