भाजपा के 5 'एंग्री ओल्ड मैन'

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भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार की हालिया चिट्ठी ने पार्टी के कई ऐसे नेताओं की यादें ताज़ा कर दी है जो इससे पहले अपनी नाराज़गी जता चुके हैं.
शांता कुमार ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को लिखे पत्र में कहा कि 'व्यापमं और ललित गेट जैसे मामलों से पार्टी कार्यकर्ताओं का सिर शर्म से झुका है.'
पार्टी में कई ऐसे दिग्गज और बुज़ुर्ग नेता हैं जो विभिन्न मुद्दों पर सरकार या पार्टी के कामकाज पर नाख़ुशी जता चुके हैं.
एक नज़र भाजपा के 'एंग्री ओल्ड मैन्स' की फ़ेहरिस्त पर.
लालकृष्ण आडवाणी

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प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के बीच कई बार तनातनी देखी गई है.
नरेंद्र मोदी ने मई 2014 में सत्ता संभालने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को मार्गदर्शक मंडल का सदस्य बना दिया था.
इस मार्गदर्शक मंडल में अटल बिहारी वाजपेयी, राजनाथ सिंह और ख़ुद नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं.
उद्देश्य था मुश्किल घड़ी में मार्गदर्शक मंडल की सलाह लेना. लेकिन इस मार्गदर्शक मंडल की अब तक एक भी बैठक नहीं हुई है.
2- मुरली मनोहर जोशी

कानपुर से भाजपा सांसद मुरली मनोहर जोशी ने अपनी ही सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम 'नमामि गंगे' मिशन पर सवाल उठाए थे.
उन्होंने कहा था कि जिस तरीक़े से सरकार इस मिशन पर काम कर रही है, उसे देखते हुए इसे पूरा होने में बरसों लग जाएंंगे.
3- शांता कुमार

हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार ने पिछले दिनों ही पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को एक पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया था कि भाजपा के मौजूदा नेतृत्व में संवाद की थोड़ी कमी है.
उन्होंने लिखा था कि व्यापमं घोटाला और ललितगेट की वजह से पार्टी का सिर शर्म से झुक गया है.
4- अरुण शौरी

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वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे अरुण शौरी ने मई में नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना की थी और कहा था कि मोदी, अमित शाह और अरुण जेटली की त्रिमूर्ति ही पार्टी को चला रही है.
शौरी ने आरोप लगाया था कि मोदी भारतीय अर्थव्यवस्था से ठीक ढंग से नहीं निपट रहे हैं.
5- यशवंत सिन्हा

अटल बिहारी सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि जिन लोगों की उम्र 75 वर्ष से ज़्यादा है उन्हें 26 मई 2014 को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया.
उल्लेखनीय है कि 26 मई 2014 को ही नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी.
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