स्वाइन फ़्लू के कारण अहमदाबाद में धारा 144

स्वाइन फ्लू

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    • Author, अंकुर जैन
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए, अहमदाबाद से

स्वाइन फ़्लू के ख़तरे को दिखते हुए अहमदाबाद ज़िले में धारा 144 लगा दी गई है.

गुजरात में स्वाइन फ़्लू की वजह से इस साल अब तक 219 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि मरीज़ों की संख्या 3,500 का आंकड़ा पार कर गई है.

मंगलवार को राज्य में स्वाइन फ़्लू के 190 नए मामले सामने आए और 12 लोगों की मौत हुई. इसमें 100 से अधिक मामले अकेले अहमदाबाद से थे.

धारा 144 लागू होने के कारण अहमदाबाद में होने वाले सारे संगीत समारोह, पार्टियां और मैराथन रद्द कर दिए गए हैं.

विवाह समारोहों को छूट

सरकार ने एक बयान में कहा है कि बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए धारा 144 लागू की गई है और अब बिना अनुमति एक जगह पांच से ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक रहेगी.

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<link type="page"><caption> अहमदाबाद</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/01/120121_flu_study_pa" platform="highweb"/></link> के जिला कलेक्ट्रेट के अनुसार अहमदाबाद सहित पूरे गुजरात में स्वाइन फ़्लू के मामले बढ़े हैं. स्वाइन फ्लू का वायरस संक्रामक है और आमतौर पर भीड़ वाली जगहों पर हवा के ज़रिए फैलता है.

हालाँकि विवाह समारोह और शव यात्राएं धारा 144 के नियम के दायरे से बाहर रहेंगे.

प्रशासन ने सार्वजनिक समारोहों को रद्द या स्थगित करने की सलाह दी है. ऐसा नहीं करने पर आयोजकों के लिए अधिकारियों से इसकी पहले इजाजत लेना जरूरी होगा.

यही नहीं, ऐसे आदेश दिए गए हैं कि होर्डिंग्स और पोस्टर्स के जरिए लोगों को बचाव संबंधी उपाय बरतने को कहा जाए.

स्कूली बच्चों की मौत

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गुजरात के स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंकर चौधरी भी स्वाइन फ़्लू की चपेट में हैं. पिछले दिनों गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष गणपत वसावा को भी स्वाइन फ़्लू हो गया था.

अहमदाबाद में स्कूल और कॉलेजों में जिन छात्रों को ख़ांसी की शिकायत थी उन्हें छुट्टी दे दी गई है. बीमारी से मरने वालों में कई स्कूली बच्चें भी शामिल है.

<link type="page"><caption> गुजरात</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2010/06/100603_swineflu_vaccine_vv" platform="highweb"/></link> में विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार की इस मामले में जमकर आलोचना की है. हालाँकि आनंदीबेन पटेल की सरकार का दावा है की वह इस मामले में हर पुख्ता कदम उठा रही है.

गुजरात में स्वाइन फ़्लू पहले भी क़हर बरपा चुका है. साल 2009 में यहां स्वाइन फ़्लू से 125 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2010 में यह आंकड़ा 363 तक पहुंचा था.

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