लिंग जांच संबंधी विज्ञापन हटाने का आदेश

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सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट की बड़ी कंपनियों गूगल, याहू और माइक्रोसॉफ़्ट को जन्म से पहले बच्चे के लिंग की जांच वाले विज्ञापन बंद करने का निर्देश देते हुए भारतीय कानून के तहत काम करने को कहा है.
भारत में कन्या भ्रूण हत्या के चलते लिंग जांच ग़ैरकानूनी है इसलिए ऐसे विज्ञापन नहीं दिए जा सकते.
कन्याभ्रूण हत्या के कारण देश में लिंगानुपात की स्थिति बेहद ख़राब है.
लेकिन इन सर्च इंजनों पर इससे सबंधित विज्ञापन मौजूद थे, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने तत्काल हटाने को कहा है.
दो सप्ताह में विस्तृत फ़ैसला
न्यायाधीश दीपक मिश्रा और प्रफुल्ल सी पंत की खंडपीठ ने इन कंपनियों को अपनी पॉलिसी वाले पन्ने पर इसका उल्लेख करने को कहा है कि वे लिंग जांच संबंधी विज्ञापन नहीं दिखा रहे हैं.

अदालत ने यह आदेश एक याचिका की सुनवाई करते हुए दिया जिसमें कहा गया था कि ग़ैरकानूनी होने के बावजूद प्रमुख सर्च इंजन ऐसे विज्ञापन दिखा रहे हैं.
अदालत ने कहा है कि दो हफ़्ते में वह इस पर विस्तृत फ़ैसला देगी.
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