धर्मांतरण विरोधी केंद्रीय कानून हो: वेंकैया

आगरा में धर्मांतरण के मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से संसद में वेंकैया नायडू ने बयान दिया है.
वेंकैया नायडू का कहना है कि धर्मांतरण पर बहुत लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है और मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के शासन के दौरान धर्मांतरण रोकने के लिए कानून बनाए गए. अब इसकी केंद्र में भी जरूरत है.
विपक्ष के नोटिस पर हुई चर्चा के बाद जवाब में संसदीय कार्यमंत्री और नायडू ने कहा कि जबरन धर्म परिवर्तन नहीं किया जा रहा है.

इमेज स्रोत, VIVEK JAIN
आगरा की घटना पर सीधे तौर पर नायडू ने बहुत कुछ नहीं कहा और कानून व्यवस्था को राज्य सरकार का मसला बताया.
वेंकैया नायडू ने कहा, "कानून व्यवस्था राज्य सरकार का मसला है केंद्र इसमें दखल नहीं दे सकती. मैं राज्य सरकार की आलोचना नहीं कर रहा यह किसी और राज्य में भी हो सकता है. अगर कुछ गड़बड़ हो रही हो तो कार्रवाई करने के लिए एसपी हैं, डीएम हैं, राज्य सरकार है. अगर उन्हें किसी दिशा निर्देश की जरूरत है तो केंद्र सरकार मदद के लिए तैयार है"
संस्कृत, आईआईटी की कैंटीन में शाकाहारी भोजन, ज्योतिष और धर्मांतरण पर पूर्ववर्ती सरकार को निशाना बनाते हुए केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए यूपीए सरकार के दौरान लिए फैसलों का जिक्र किया और कहा कि नई सरकार को अभी छह महीने ही हुए हैं.
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