'नेपाल-भारत के बीच लगा भरोसे का इंजन'

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नेपाल में संविधान जल्द तैयार होना चाहिए और इसमें सभी के हितों और भावनाओं का ख़्याल रखा जाना चाहिए.
मोदी दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए काठमांडू गए हैं.
नेपाल की राजधानी काठमांडू में भारत की सहायता से तैयार नेशनल ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा, "पड़ोसी होने के नाते मैं कहूंगा कि नेपाल की संविधान सभा को जल्दी ही संविधान तैयार कर लेना चाहिए."
मोदी ने संविधान में नेपाल के सभी वर्गों का ख़्याल रखने की सलाह दी.
उन्होंने कहा, "मधेशियों, पहाड़ियों, माओवादियों या किसी अन्य वर्ग को यह नहीं लगना चाहिए कि संविधान में उनकी उपेक्षा हुई है."
मोदी ने कहा, "अगर नेपाल खुश नहीं है तो हिंदुस्तान भी खुश नहीं हो सकता."
जनकपुर का दौरा जल्द
मोदी ने कहा कि वह जल्द ही लुंबिनी, जनकपुर और मुक्तिनाथ का दौरा करेंगे.

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मोदी का मौजूदा दौरे में लुंबिनी, जनकपुर और मुक्तिनाथ जाने का भी कार्यक्रम था, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया और तब इन तीनों स्थानों पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे.
मोदी ने कहा, "मेरा सड़क मार्ग से लुंबिनी जाने का इरादा था. मैं अनुभव करना चाहता था कि सड़क मार्ग से वहां पहुंचने वालों को क्या तकलीफ़ें होती हैं. लेकिन व्यस्तता के चलते अभी वहां नहीं जा पा रहा हूं."
उन्होंने जल्द ही इन तीनों जगहों का दौरा करने का वादा किया. उन्होंने कहा, "जनकपुर, लुंबिनी और मुक्तिनाथ के लोगों की निराशा और पीड़ा को मैं समझता हूं. मैं विश्वास दिलाता हूं कि निकट भविष्य में जब भी मौका मिलेगा, वहां जरूर आऊंगा."
संबंध प्रगाढ़
मोदी 100 दिनों के भीतर दूसरी बार नेपाल की यात्रा पर हैं.

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नेपाल के साथ संबंधों में मज़बूती पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा, "नेपाल और भारत के बीच भरोसे का ताक़तवर इंजन लग गया है. यही वजह है कि जो फ़ैसले 25-30 साल से रुके हुए थे, वे पिछले 100 दिनों में हो गए."
भारत और नेपाल के बीच सीधी बस सेवा शुरू होने पर उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि इस बस में वाई-फ़ाई सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे हैं.
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