उड्डयन बाज़ार में जंग की तैयारी

एयरबस विमान

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    • Author, अश्विनी फडनीस
    • पदनाम, वरिष्ठ पत्रकार और नागरिक उड्डयन मामलों के जानकार

तकरीबन 26 अरब डॉलर का एक सौदा, 250 हवाई जहाज़ों की खरीद.

इंडिगो के इस सौदे को दुनिया के विमानन इतिहास के सबसे बड़े सौदों में से एक माना जा रहा है.

लगता है जैसे भारत के तेज़ी से उभरते विमानन बाज़ार में हिस्सेदारी की नई जंग शुरू होने जा रही है.

उड्डयन बाज़ार के स्वरूप, प्रतिस्पर्द्धा के स्तर और दूसरी कंपनियों की रणनीति के मद्देनज़र इंडिगो के सौदे का अहमियत का अंदाजा लगाया जा सकता है.

पढ़े अश्विनी फडनीस का विश्लेषण

ये काफी बड़ा ऑर्डर है. पीछे मुड़कर देखें तो जब इंडिगो ने उड़ान सेवाओं की शुरुआत की थी तो उस समय भी उन्होंने 100 जहाजों से हवाई सफर शुरू किया था.

उस समय एयरबस के इतिहास में पहले कभी किसी ने लॉन्च के समय इतनी बड़ी संख्या में हवाई जहाज ऑर्डर नहीं किए थे.

विमानन बाज़ार

इंडिगो एयरलाइंस

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इंडिगो का मौजूदा ऑर्डर 250 हवाई जहाजों का है लेकिन इसमें एक विकल्प ये भी है कि इंडिगो चाहे तो सौ और जहाज ले सकता है.

हालांकि ये बात अभी पक्के तौर नहीं कही जा सकती कि इतनी बड़ी संख्या में हवाई जहाजों की खरीद से विमानन क्षेत्र में किस हद तक प्रतिस्पर्द्धा बढ़ेगी.

क्योंकि इंडिगो ने जो सौदा किया है, उसका पहला जहाज 2018 में कंपनी को मिलेगा और आखिरी जहाज 2026 में आएगा.

उस समय तक विमानन बाज़ार में और कितनी नई कंपनियां आएंगी और जो अभी हैं, उनमें से कितनी रहेंगी और कितनी नहीं रहेंगी, इस पर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता.

साल 2011 में इंडिगो पहले ही 280 ए320नियो विमानों की खरीद का ऑर्डर कर चुकी है. इंडिगो का मौजूदा सौदा भी एयरबस के इसी मॉडल के लिए है.

वे बदलते बाजार की जरूरतों के मुताबिक खुद को तैयार कर रहे हैं.

उड़ान सेवाएँ

एयरबस कंपनी का लोगो

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इस समय घरेलू विमानन बाज़ार में विदेशी निवेश को इजाजत मिली हुई है और जिसके तहत जेट एयरवेज़ में इत्तेहाद एयरलाइंस ने हिस्सेदारी खरीदी है.

टाटा का सिंगापुर एयरलाइंस और टोनी फर्नांडीस के एयर एशिया के साथ करार किया हुआ है. एयर एशिया कम कीमत में उड़ान सेवाएं देने वाली कंपनी के तौर पर जानी जाती है.

टाटा का इरादा भी कम कीमत वाली उड़ान सेवाएँ मुहैया कराने का है.

ये सब देखते हुए इंडिगो इस ऑर्डर के जरिए खुद को नई जरूरतों और आने वाले वक्त के हिसाब से तैयार कर रहा है. ताकि भविष्य में प्रतिस्पर्द्धा बढ़ने पर उसका किस तरह से सामना किया जा सके.

बड़ा ऑर्डर

इंडिगो

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इमेज कैप्शन, इंडिगो के इस सौदे को विमानन इतिहास के सबसे बड़े सौदों में से एक माना जा रहा है.

हालांकि ये बात भी सही है कि यह दुनिया के विमानन बाज़ार का अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है.

इससे पहले एयरबस की 320 सिरीज़ के किसी मॉडल के लिए इतना बड़ा ऑर्डर नहीं मिला था.

ये भी याद रखना होगा कि इंडिगो एयरलाइंस शुरू करने वाले राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने ये सौदा करने से पहले पूरा हिसाब किताब कर लिया होगा.

क्योंकि एयरबस के जो नियो जहाज़ हैं वे एयरबस के साधारण मॉडलों से दस से 12 फीसदी तक महंगे होते हैं.

क्योंकि एयरबस और इंजन बनाने वाली कंपनी इसकी नई टेक्नॉलॉज़ी डेवलप करने में काफी पैसा लगाया है.

एयरबस का कहना है कि इस मॉडल में हर जहाज पर हर साल तकरीबन 12 मिलियन डॉलर की बचत होती है, क्योंकि इस नई टेक्नॉलॉज़ी में कम ईंधन में जहाज़ ज्यादा लंबा सफर तय करता है.

(बीबीसी संवाददाता सलमान रावी से बातचीत पर आधारित)

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