नाइजीरियाई फ़ोटोग्राफ़र रोटिमी ने पहली बार अफ़्रीकी पुरुषों की समलैंगिक दुनिया को कैमरे पर उतारा है.
इमेज कैप्शन, नाइजीरियाई फ़ोटोग्राफ़र रोटिमी फ़ानी कायोडे की मौत महज़ 34 साल की उम्र में हो गई थी. उनकी 25वीं पुण्यतिथि पर लंदन में उनके काम की एक प्रदर्शनी लगी.
इमेज कैप्शन, प्रदर्शनी में कायोडे की उन अहम तस्वीरों को शामिल किया गया है, जो उन्होंने 1985 से 1989 के बीच खींची थीं. लागोस में 1955 में पैदा हुए रोतिमी शरणार्थी के बतौर 1966 में ब्रिटेन पहुंचे और फिर पढ़ाई के लिए अमरीका गए.
इमेज कैप्शन, रोतिमी ने इन तस्वीरों में सेक्शुएलिटी और इच्छाओं के मुद्दे को उभारा है. इनमें समलैंगिकता और योरुबा के बतौर उनके पालन-पोषण के बीच तनाव दिखता है.
इमेज कैप्शन, सेक्शुएलिटी और होमोसेक्शुएलिटी पर रोतिमी के पुरुष पोर्ट्रेट सर्रियलिज़्म के साथ साथ अमरीकी फ़ोटोग्राफ़र रॉबर्ट मैपलथॉर्प और योरुबा संस्कृति से प्रभावित हैं.
इमेज कैप्शन, कला-समीक्षकों की राय में फ़ानी कायोडे की तस्वीरें सांस्कृतिक अनुवाद, आज़ादी और पलायन को परिभाषित करती हैं.
इमेज कैप्शन, इन तस्वीरों की प्रदर्शनी लंदन के ताइवानी कंटेम्परेरी सेंटर में एक नवंबर 2014 तक चलेगी. ये तस्वीरें ताइवानी कंटेम्परेरी सेंटर के सौजन्य से मिली हैं.