बीबीसी कैंपस हैंगआउट: एक क़ानून से क्या ख़त्म होगा भ्रष्टाचार?

- Author, मुकेश शर्मा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
देश की राजधानी में जंतर-मंतर पर गांधी टोपी पहने एक बूढ़ा व्यक्ति भूख हड़ताल पर बैठा था और उसके इर्द-गिर्द लोग पूरी ताक़त से तिरंगा लहरा रहे थे. याद है आपको वो माहौल.
उसी बूढ़े अन्ना हज़ारे को जब केंद्र सरकार ने गिरफ़्तार करके तिहाड़ जेल भेज दिया तो जेल के बाहर ही एक जन सैलाब सा उमड़ आया. फिर दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना हज़ारे ने जब आंदोलन किया तो केंद्र सरकार की नींद तक उड़ गई थी.
<link type="page"><caption> बीबीसी कैंपस हैंगआउट देखने के लिए यहां क्लिक करें</caption><url href="https://www.youtube.com/watch?v=c2--jFI-3QU" platform="highweb"/></link>
दिल्ली की सड़कों पर लोग तिरंगे लिए भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते घूम रहे थे. मगर उस आवाज़ की गूँज पूरे देश में सुनाई दे रही थी. ऐसा लगा था कि देश को अचानक किसी ने सोते से झिंझोड़ कर उठा दिया है.
जनलोकपाल और लोकपाल, भ्रष्टाचार निवारण की एक कुँजी के तौर पर दिख रहे थे. उन रास्तों से होते हुए अब बना भ्रष्टाचार निरोधक क़ानून क्या हर मर्ज़ की दवा है?
इन चुनाव में भ्रष्टाचार आख़िर कितना बड़ा मुद्दा है? जनआंदोलन में आगे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता दिखा युवा क्या भ्रष्टाचार को लेकर इतना गंभीर है कि उसके वोट का फ़ैसला भी ये मुद्दा करे?
कैंपस हैंगआउट
इन्हीं सवालों के साथ STY'जान की चिंता करें या बच्चों की पढ़ाई की सोचें?''जान की चिंता करें या बच्चों की पढ़ाई की सोचें?'आम चुनाव से जुड़े बीबीसी कैंपस हैंगआउट कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार को बस्तर विश्वविद्यालय से. चर्चा के केंद्र में थीं आदिवासियों की समस्याएँ, इसमें आदिवासी युवाओं ने खुलकर अपने मन की बात रखी. 2014-04-05T19:03:12+05:302014-04-06T08:27:36+05:30PUBLISHEDhitopcat2 दूसरे चरण में बंगलौर की नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी यानी भारतीय राष्ट्रीय विधि स्कूल विश्वविद्यालय में है.
कोशिश एक बार फिर उस युवा से जुड़ने की जिसकी चर्चा इस चुनाव में लगातार हो रही है.
गुरुवार को हुए मतदान में युवाओं ने जिस जोश के साथ हिस्सा लिया है उससे ये बात साबित भी होती दिख रही है कि युवा मतदाता इस बार चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं.
तो क्या युवा वर्ग अपनी अलग सोच के साथ मतदान करेगा? क्या वे मतदान करते समय भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी ध्यान देंगे या फिर जाति, संप्रदाय और क्षेत्रीयता का मुद्दा उनके दिमाग़ पर हावी रहेगा.

आप भी हों शामिल
देश की प्रतिष्ठित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएँ इस बारे में अपनी बात रखने वाले हैं. साथ ही इस बारे में उनके साथ चर्चा में शामिल होंगी भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में अन्ना हज़ारे की सहयोगी रहीं किरण बेदी.
ये कार्यक्रम बीबीसी हिंदी के <bold><link type="page"><caption> यूट्यूब चैनल</caption><url href="http://www.youtube.com/user/bbchindi" platform="highweb"/></link></bold> और <bold><link type="page"><caption> गूगल प्लस</caption><url href="https://plus.google.com/101918838001939081733/posts" platform="highweb"/></link></bold> पेज पर सुबह 11 बजे से लाइव प्रसारित होगा.
इतना ही नहीं बीबीसी हिंदी के <bold><link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link></bold> पन्ने पर हम आपको कार्यक्रम के दौरान लगातार बताते रहेंगे कि बहस किस दिशा में बढ़ रही है और आप उससे कैसे जुड़ सकते हैं.
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