बलात्कार पर वोट की राजनीति?

मुलायम सिंह यादव

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    • Author, अतुल चंद्रा
    • पदनाम, वरिष्ठ पत्रकार, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए

आज जब महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हर तरफ़ चिंता व्यक्त की जा रही है, समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने एक 'अत्यंत संवेदनहीन और विवादास्पद' बयान में कहा की लड़के कभी-कभी ग़लती कर देते हैं और बलात्कारियों को मौत की सज़ा नहीं मिलनी चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में सत्ता में आने पर वे क़ानून में संशोधन कर बलात्कारियों के लिए फांसी की सज़ा के प्रावधान को ख़त्म कर देंगें.

मुलायम ने यह बात मुरादाबाद में बृहस्पतिवार को एक जनसभा में मुंबई शक्ति मिल्स में हुईं बलात्कार की दो घटनाओं में अदालत द्वारा दोषियों को मिली मौत की सज़ा के सन्दर्भ में कही.

वोट की राजनीति?

वास्तव में मुलायम बलात्कार जैसे घृणित कृत्य में भी वोट की राजनीति कर रहे थे.

मुंबई बलात्कार के तीन दोषियों को दी गई मौत की सज़ा पर सवाल करते हुए मुलायम ने पूछा, "क्या बलात्कार की सज़ा फांसी होनी चाहिए?"

लखनऊ विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग की अध्यक्षा प्रोफ़ेसर निशि पाण्डेय कहती हैं कि ऐसा बयान देकर नेता अपनी मानसकिता का परिचय देते हैं.

निशि पाण्डेय ने कहा, "औरतों के प्रति उनके (मुलायम) असली विचार क्या हैं इस पर से आज पर्दा हट गया है. इससे ज़्यादा की नेताओं से उम्मीद भी नहीं की जा सकती है."

'ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयान'

प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने मुलायम के बयान को "ग़ैर-ज़िम्मेदाराना" क़रार दिया.

उन्होंने कहा, "आज जब देश में औरतों के साथ बढ़ रहे दुराचार को लेकर आक्रोश है, इस तरह का बयान देकर मुलायम किन लोगों के साथ खड़े होना चाहते हैं? समाजवादी पार्टी का नाम बदलकर बलात्कारी पार्टी कर देना चाहिए."

सुबोध श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि इसी मानसिकता के चलते आज प्रदेश में गुंडाराज है.

बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर ने कहा कि वे ऐसे बयान की कठोर निंदा करते हैं.

राजभर ने कहा, "मुलायम सिंह यादव का प्रधानमंत्री बनने का सपना, सपना ही रह जाएगा. माननीय न्यायालय ने जो किया ठीक किया."

'उप्र में सुरक्षित नहीं महिलाएं'

लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ की पूर्व सदस्य और भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश मीडिया सेल की सह-प्रभारी आरती अग्रवाल ने मुलायम पर निशाना साधते हुए कहा, "प्रदेश में गुंडाराज बढ़ने के पीछे मुलायम सिंह यादव की यह सोच है. और यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं और आए दिन उनके साथ बलात्कार और छेड़ख़ानी की अन्य घटनाएं हुआ करती हैं. प्रौढ़ हो या जवान, महिलाओं और लड़कियों का सड़कों पर चलना दूभर है."

वे आश्चर्य से पूछती हैं, "यह मुलायम सिंह को हुआ क्या है? कभी आतंकवादियों को छोड़ने की बात करते हैं और कभी बलात्कारियों को."

राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष पूर्णिमा अडवाणी ने कहा कि इस बयान के लिए मुलायम को कम से कम जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को मुलायम के बयान का संज्ञान लेना चाहिए.

उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष ज़रीना उस्मानी ने तमाम कोशिशों के बाद भी अपना फ़ोन नहीं उठाया.

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