हड़ताल वापस लें डॉक्टरः इलाहाबाद हाईकोर्ट

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में हड़ताल कर रहे डॉक्टरों से कहा कि वो अपने काम पर लौट जाएं.
हाईकोर्ट ने कानपुर के एसएसपी के तबादले का भी आदेश दिया है. हालांकि कोर्ट ने कहा है कि एसएसपी के तबादले को अनुशासनात्मक कार्रवाई के तौर पर न देखा जाए.
स्थानीय पत्रकार अतुल चंद्रा का कहना है कि बुधवार को अख़बारों के समाचारों का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से ये भी कहा कि वो डॉक्टरों की हड़ताल की जांच करे.
डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं और लोगों को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
कानपुर से स्थानीय पत्रकार रोहित घोष के अनुसार वहाँ हड़ताली डॉक्टर अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और अस्पतालों में मरीज बेहाल हैं.
कानपुर के इरफ़ान खान के अनुसार, “मेरे एक परिचित जावेद जिनकी उम्र 60 साल थी परसों एक दावत से लौटे और बीमार हो गए. उन्हें कई अस्पतालों में ले जाया गया. डॉक्टरों के पैर पकडे, रोए. पर कोई इलाज नहीं मिला और उनकी मौत हो गई.”
"गुरुवार से ओपीडी बंद"

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उधर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ नरेंद्र पटेल ने कानपुर में कहा कि पूरे भारत में ओपीडी सेवाएं गुरुवार से बंद कर दी जाएंगी.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हमारी चार मांगें हैं जो पूरी नहीं की गई तो हम गुरुवार से पूरे भारत में ओपीडी सेवाएं बंद कर देंगे.“
हालांकि उन्होंने कहा, ”आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी.”
आईएमए, उत्तर प्रदेश के सचिव डॉ नरेंद्र सैनी ने कहा, “प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं.”
कानपुर में सारे अस्पताल चाहे सरकारी या निजी दोनों में मरीजों की भर्ती पे रोक लगा दी गई है.
मोहल्ले के क्लीनिकों और डिस्पेन्सरियों के शटर बंद रहे. नर्सिंग होमों के दरवाज़ों पर कागज़ चिपके हुए हैं, जिन पर लिखा है, 'मरीजों की भरती नहीं हो रही है.'
पिछले हफ्ते पुलिस द्वारा कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में घुस के छात्रों और प्रोफेसरों की पिटाई और गिरफ़्तारी के खिलाफ डॉक्टरों ने पूरे उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर दी हैं.
पुलिस ने 24 छात्रों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है.
मुलायम से मिलेंगे डॉक्टर

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डॉक्टर मांग कर रहे हैं कि कानपुर प्रशासन 24 छात्रों के खिलाफ लगे सभी आरोपों को वापस लेकर उन्हें जेल से रिहा करे, घटना की न्यायायिक जांच हो, कानपुर के एसएसपी को निलम्बित किया जाए या हटाया जाए और समाजवादी पार्टी के कानपुर के विधायक इरफ़ान सोलंकी के खिलाफ मुकदमा लिखा जाए.
बीते शुक्रवार इरफ़ान सोलंकी की मेडिकल कॉलेज के पास झड़प हो गयी थी. डॉक्टरों का आरोप है कि उसके बाद पुलिस कॉलेज के हॉस्टल में गई और उनको बर्बरता से पीटा.
इस बारे में मंगलवार को डॉक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी मुलाकात की थी.
उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक इस मुलाकात के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल ख़त्म करने का भरोसा दिलाया था.
कानपुर से डॉक्टरों का एक दल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के सामने अपने पक्ष को रखने के लिए रवाना हो चुका है.
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