मंत्री पद के बिना नहीं रह सकते हैं पासवान: एलजेपी विधायक

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लोक जनशक्ति पार्टी के एनडीए गठबंधन में जाने की अटकलों के बीच पार्टी के इकलौते विधायक ने पार्टी छोड़ दी है.

बिहार के अररिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक ज़ाकिर हुसैन ख़ान ने बीबीसी संवाददाता अशोक कुमार से बातचीत में कहा कि वो लोक जनशक्ति पार्टी अध्यक्ष रामविलास पासवान के भारतीय जनता पार्टी के साथ हाथ मिलाने की कोशिशों के कारण इस्तीफ़ा दे रहे हैं.

बुधवार को पासवान ने दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रीय जनता दल को लेकर अपनी नाराज़गी जताई, जबकि कांग्रेस पर गठबंधन के लिए गंभीर न होने के आरोप लगाए.

एनडीए के साथ गठबंधन पर उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कोई फ़ैसला नहीं हुआ, लेकिन पार्टी ने अपने विकल्प खुले रखे हैं.

'लोजपा-भाजपा में गठबंधन'

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वहीं ज़ाकिर हुसैन ख़ान का कहना है कि ऐसा सिर्फ़ दिखाने के लिए कहा जा रहा है, जबकि फ़ैसला तो हो चुका है. उन्होंने कहा कि इसीलिए गुरुवार को पासवान से भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की मुलाक़ात होने जा रही है.

ख़ान के अनुसार वो इस बात से हैरान हैं कि उनकी पार्टी का भाजपा के साथ भी गठबंधन हो सकता है.

उन्होंने कहा, “एक ज़माने में पासवान बड़े ज़ोर शोर से कहते थे कि वो सांप्रदायिकता और ख़ास कर नरेंद्र मोदी से कोई समझौता नहीं करेंगे. लेकिन आज वहीं नरेंद्र मोदी की गोदी में नमो नमो करते हुए पहुंच गए हैं.”

उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी को सिर्फ़ एक परिवार और ख़ास कर पासवान और उनके बेटे चिराग़ पासवान तक ही सीमित बताया. उनके अनुसार, “पासवान सिर्फ़ अपने भाई और बेटे के लिए परेशान हैं.”

उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री पद हासिल करने के लिए पासवान भाजपा से समझौता कर रहे हैं. जाक़िर हुसैन ख़ान ने कहा, “उन्हें लगता है कि गृह मंत्री बन जाएंगे, रेल मंत्री बन जाएंगे. ये सपना तो ख़तरनाक है. ये मंत्री पद और सत्ता के बिना नहीं रह सकते हैं.”

पिछले आम चुनावों में लोक जनशक्ति पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली थी. और इस बार काफ़ी समय से राष्ट्रीय जनता और लोकजनशक्ति पार्टी के कांग्रेस के साथ मिल कर चुनाव लड़ने की चर्चाएं हो रही थीं, लेकिन अचानक पासवान के रुख़ में बदलाव के संकेत मिलने लगे.

राम विलास पासवान ने कहा है कि वे अगले तीन-चार दिनों में अपने भावी क़दम का ऐलान कर देंगे.

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