'कोई रिश्वत दे तो सेटिंग कर लें'

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने पहले भाषण में दिल्ली को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के अपने वादे को पुनः दोहराया.

उन्होंने कहा, ''अगर कोई अधिकारी आपसे रिश्वत मांगता है तो मना नहीं करें. उससे सेटिंग कर लें और हमें फोन से उस अधिकारी के बारे में बताएं. हम उसे रंगेहाथ पकड़ेंगे. आप इस बात से न डरें कि आप का काम होगा या नहीं. वो हम पर छोड़ दें.''

उन्होंने कहा कि फोन नंबर की दो दिनों के अंदर घोषणा कर दी जाएगी.

केजरीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री के रूप में अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों ने नहीं बल्कि जनता को शपथ दिलाया है.

उन्होंने कहा कि उनके पास जादू की छड़ी नहीं है लेकिन दिल्ली की डेढ़ करोड़ जनता जुट जाए तो कुछ भी असंभव नहीं है.

अपने भाषण में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के नेता डॉ. हर्षवर्धन की तारीफ करते हुए केजरीवाल ने कहा, ''वो बहुत ही अच्छे व्यक्ति हैं, हालांकि उनकी पार्टी के बारे में मैं ऐसा नहीं कह सकता.''

घमंड न करना

अपने छह सहयोगियों के साथ शपथ लेने के बाद समर्थकों को अगाह करते हुए कहा, ''हमें इस उपलब्धि पर घमंड बिल्कुल नहीं करना चाहिए. मैं आप के कार्यकर्ताओं से कहना चाहूंगा कि उन्हें अपने गली मोहल्लों में विनम्रता से हाथ जोड़कर लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए.''

''घमंड हम पर हावी नहीं होना चाहिए नहीं तो इसको तोड़ने के लिए दूसरी पार्टी को जन्म लेना पड़ेगा.''

उन्होंने रामलीला मैदान में उपस्थित जनसमूह से रिश्वत न देने और न ही लेने की शपथ दिलाई.

अन्ना का ज़िक्र पर नए अंदाज़ में

शपथ ग्रहण के बाद सचिवालय पहुंच कर केजरीवाल ने मुख्यमंत्री की कुर्सी सम्भाली.
इमेज कैप्शन, शपथ ग्रहण के बाद सचिवालय पहुंच कर केजरीवाल ने मुख्यमंत्री की कुर्सी सम्भाली.

राजनीतिक पार्टी के गठन पर केजरीवाल ने अपने पूर्व सहयोगी रहे अन्ना हज़ारे का जिक्र करते हुए कहा, ''अन्ना जी कई बार कहते थे राजनीति कीचड़ है, वहां जाएंगे तो गंदे हो जाएंगे. मैं उन्हें बार बार समझाता था कि अगर गंदगी को साफ करना है तो कीचड़ में उतरना ही पड़ेगा. अंदर से सफाई करनी पड़ेगी.''

सबसे अंत में उन्होंने बॉलीवुड की एक फ़िल्म का एक गाना गया जिसे मौजूद जनता को दोहराने को कहा. गाना था, इंसान से इंसान का हो भाई चारा....यही है पैग़ाम हमारा.

इसके बाद वो राजघाट गए और वहां से सीधे सचिवालय पहुंचे.

दोपहर दो बजे उन्होंने कैबिनेट की बैठक की और विभागों का बंटवारा किया.

महत्वपूर्व विभाग केजरीवाल के पास

आप के प्रमुख सिपहसालार मनीष सिसौदिया को पीडब्ल्यूडी, शिक्षा और शहरी विकास मंत्रालय, राखी बिड़ला को महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग, सौरभ भारद्वाज को परिवहन और खाद्य आपूर्ति विभाग, सत्येंद्र जैन को स्वास्थ्य, उद्योग और गुरुद्वारा चुनाव विभाग, गिरीश सोनी को श्रम, रोजगार व एससी एसटी और सोमनाथ भारती को खाद्य आपूर्ति, टूरिज़्म, कला संस्कृति विभाग की जिम्मेदारी मिली है.

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बिज़ली, विजेलेंस, गृह, वित्त, योजना क्रियान्वयन समेत छः विभाग अपने पास ही रखा है.

केजरीवाल ने कहा कि ईमानदार अधिकारियों को डरने की ज़रूरत नहीं है.

कैबिनेट पहली बैठक में ही मंत्री और अधिकारियों को लाल बत्ती न दिए जाने का फैसला लिया गया.

प्रमुख सचिव डीएम सपोलिया की जगह राजेंद्र कुमार लेंगे.

मुख्यमंत्री का पद सम्भालने के बाद पहली बार पत्रकारों से मुखातिब केजरीवाल ने कहा कि आने वाले दिनों में वो जल बोर्ड के अधिकारियों से मिलेंगे.

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