इंडिया बोल: मुसलमान हैं तो घर नहीं मिलेगा?

इंडिया बोल

प्रॉपर्टी की ख़रीद़-फ़रोख्त का व्यापार करने वाली एक वेबसाइट ने मुंबई का एक फ़्लैट बेचने के लिए निकाले गए विज्ञापन में लिख दिया कि मुसलमानों को इसकी इजाज़त नहीं है.

इसके बाद विवाद खड़ा हो गया और आख़िरकार 99एकर्स.कॉम को माफ़ी मांगनी पड़ी.

लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि मुसलमानों को जायदाद ख़रीदने या मकान किराए पर लेने में मुश्किल आई हो. कभी ये दबे-ढंके तौर पर होता है, तो कभी इश्तेहार निकालकर.

एक्टर इमरान हाशमी ने भी एक बार कहा था कि उन्हें सिर्फ़ मुसलमान होने के कारण एक विशेष सोसायटी में फ़्लैट नहीं लेने दिया गया था.

मुसलमान ही नहीं दलितों और समाज के हाशिए पर रह रहे दूसरे समुदाय भी ऐसी शिकायतें कर चुके हैं.

क्या भारत जैसे खुले और जनतांत्रिक समाज में जनता के एक बड़े हिस्से के ख़िलाफ़ इस तरह का अभियान चलाने की इजाज़त होनी चाहिए?

बीबीसी इंडिया बोल में इस शनिवार नौ नवंबर को भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे इसी विषय पर होगी चर्चा.

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