छत्तीसगढ़: मिलिए मोदी की रैली में आने वालों से
- Author, देवाशीष
- पदनाम, बीबीसी हिंदी
गुरुवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने चुनावी सभा की. रैली में आए लोगों से बात करके हमने जानना चाहा कि वो रैली में क्यों और कैसे पहुंचे.
चेतु राम

चेतु राम पेशे से एक किसान और डोंगाम के रहने वाले है. मोदी का भाषण सुनने रैली में आए चेतुराम का दावा है कि इस बार मोदी ही जीतेंगे.
उनका कहना है कि इस बार पहले से ज्यादा लोग मतदान करने आएंगे.
साथ ही उनका आरोप था कि इस रैली में आने के लिए मोदी के लोगों ने उन्हें पैसा दिया है.
मोती राम

मोती राम ड्राइवर का काम करते हैं.
वे उम्मीद जताते हैं कि माओवादियों की धमकी के बावजूद ज्यादा लोग मतदान करने आएंगे क्योंकि इस बार पुलिस बल की ज्यादा तैनाती की गई है.
मोती राम के अनुसार वैसे तो लोग अंदरूनी इलाक़ों से निकलकर वोट डालते हैं लेकिन जो डर जाते हैं वो वोट डालने नहीं आते.
राजू दुबे

राजू दुबे आज़ाद चौक में बिजली के समान की दुकान के मालिक हैं.
वे मोदी की रैली से अधिक उत्साहित नहीं है.
उनका कहना है कि यहां मोदी के रैली करने से ज्यादा लोग मतदान करने नहीं आएंगे क्योंकि रैली में अंदरूनी इलाक़ों से ज्यादा लोग नहीं आए हैं.
वे कहते हैं कि जो लोग मोदी की रैली में आए हैं वो राहुल की रैली में भी जाएंगे.
सुमोनी

सुमोनी खेत में काम करती हैं.
वे मोदी की रैली में आई तो ज़रूर हैं लेकिन उन्हें यहां लाने के लिए किसने गाड़ी भेजी थी वो नहीं जानती.
सुमोनी इन चुनावों से इतनी बेख़बर हैं कि वे नहीं जानती कि ये फूल छाप कौन है और कौन कमल छाप.
वे शिकायत करती है कि यहां इतनी देर रहने के बावजूद न खाने के लिए कुछ मिला है न पीने के लिए.
तुलसी राम ठाकुर

तुलसी राम ठाकुर होटल में काम करते हैं.
उनके अनुसार यहां नक्सलवाद से कोई डर नहीं है.
वो उम्मीद जताते हैं कि लोग वोट देने के लिए निकलेंगे.
उनका कहना है कि वैसे लोग डरते तो हैं लेकिन इस बार ज़रूर वोट देने जाएंगे.
वैदी

वैदी खेतों में काम करती हैं.
उन्हें चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है.
वो कहती है कि फूल छाप वालों ने गाड़ी भेजी थी.
खाने के लिए नाश्ता मिला है, बस.
वैदी कहती है कि इससे ज्यादा वो कुछ नहीं जानती.
रतु राम

रतु राम भी खेती का काम करते हैं.
वो कहते हैं कि इस बार जनता पार्टी ही जीतेगी.
रतु राम कहते हैं कि कमल फूल वाले बीजेपी के लोग उन्हें यहां लेकर आए हैं.
अभी पैसा तो नहीं दिया है लेकिन बोले हैं कि देंगे लेकिन कितना ये मालूम नहीं.
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