छुट्टी छोड़ आरटीआई संशोधन पर जुटेंगे सांसद

आम तौर पर शनिवार को छुट्टी मनाने वाले सांसद आज लोक सभा में आरटीआई कानून में एक विवादित संशोधन पर बहस करेंगे.
संसद में शनिवार को पारित कराने के लिए पेश किए जाने वाले चार विधेयकों में सूचना का अधिकार (संशोधन) बिल, 2013 भी शामिल है जो हाल में बेहद चर्चा में रहा है.
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी नारायणसामी संसद में सूचना का अधिकार कानून, 2005 में संशोधन से जुड़ा विधेयक पेश कर सकते हैं.
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सूचना का अधिकार () विधेयक में संशोधन को मंज़ूरी दे दी है. इस संशोधन के तहत राजनीतिक दलों को इस क़ानून से अलग रखने का प्रस्ताव है.
इस मुद्दे पर पिछले दिनों केंद्रीय सूचना आयुक्त के फ़ैसले के बाद से ही माना जा रहा था कि सरकार इस क़ानून में संशोधन ला सकती है.
जून में केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा था कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी समेत छह बड़ी राजनीतिक पार्टियां सूचना के अधिकार क़ानून के दायरे में आती हैं और देश के नागरिक उनसे सूचना मांग सकते हैं.
आयोग के इस फ़ैसले के बाद कुछ पार्टियों को छोड़कर सभी पार्टियों ने इस फ़ैसले की आलोचना की थी.

हालाँकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और आम आदमी पार्टी ने इस फ़ैसले का स्वागत किया था.
मॉनसून सत्र की बढ़ेगी अवधि
संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत होने के बाद से ही गतिरोध की स्थिति बरकरार है और संसद का सत्र सुचारू रुप से नहीं चल पा रहा है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक संसद के मॉनसून सत्र की अवधि बढ़ सकती है.
शनिवार को संसद में कोई प्रश्नकाल नहीं होगा.
इसके अलावा अनुसूचित जनजाति से संबंधी एक संशोधन <link type="page"><caption> बिल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/05/120509_loksabha_60_bills_va.shtml" platform="highweb"/></link> भी संसद में पेश किया जा सकता है. इस बिल के ज़रिये केरल और छत्तीसगढ़ की अनुसूचित जनजाति की सूची में संशोधन किया जाना है.
नाभिकीय सुरक्षा से जुड़ा एक अहम विधेयक भी पारित कराने के लिए संसद में शनिवार को पेश किया जाना है. नाभिकीय सुरक्षा नियामक प्राधिकरण विधेयक, 2011 पारित कर एक ऐसे प्राधिकरण और नियामक संस्थाओं का गठन किया जाना है जो <link type="page"><caption> परमाणु</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/11/111125_nuclear_survey_vv.shtml" platform="highweb"/></link> संयंत्रों के सुरक्षित संचालन में अहम भूमिका निभाएंगे.
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जयपाल रेड्डी बॉयोटेक्नोलॉजी के लिए क्षेत्रीय केंद्र बनाए जाने से जुड़ा बिल संसद में पेश कर सकते हैं.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के क्लिक करें एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें क्लिक करें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और क्लिक करें <link type="page"><caption> टि्वटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












