आम लोगों को रुला रहा है प्याज़

- Author, शिल्पा कन्नन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पिछले महीने प्याज़ की क़ीमत में रिकार्ड उछाल आया था. प्याज़ हर भारतीय के लिए रोज़मर्रा की इस्तेमाल में होने वाली चीज़ है और शायद इसीलिए प्याज़ की क़ीमत से भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति के भी संकेत मिलते हैं.
हाल ही में दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर डाकुओं ने एक ट्रक को लूट लिया क्योंकि उसमें 40 टन प्याज़ था.
पिछले महीने प्याज़ की क़ीमत में लगभग पांच गुना इज़ाफ़ा हुआ था और लगभग 80-90 रूपए प्रति किलो के भाव से प्याज़ दिल्ली के बाज़ारों में बिक रहा है.
भारत में सालाना लगभग डेढ़ करोड़ टन प्याज़ की खपत होती है.
प्याज़ की बढ़ी क़ीमत से लोग इस क़दर परेशान हैं कि वे एफ़एम स्टेशनों पर भी इसका ज़िक्र कर रहे हैं.
एफ़एम पर भी चर्चा
दिल्ली के एक जाने माने रेडियो जॉकी नितिन अपने प्रसारण में लोगों से प्याज़ की क़ीमत के बारे में पूछते हैं.
नितिन के अनुसार ग़रीब के साथ-साथ मध्यम वर्ग के लोग भी उन्हें फ़ोने कर प्याज़ की बढ़ी क़ीमत पर अपनी नाराज़गी जताते हैं.
पिछले साल सूखा पड़ने और इस साल भारी बारिश के कारण प्याज़ की फ़सल बर्बाद होने के कारण प्याज़ की क़ीमत इतनी बढ़ गई है.
सड़क किनारे बने ढाबों ने तो खाने के साथ प्याज़ देना बंद कर दिया है.
दिल्ली की एक सब्ज़ी मंडी में तो एक व्यापारी ने कहा कि उन्हें इस बात की आशंका है कि लोग कहीं प्याज़ को चुरा कर न ले जाएं इसलिए वो प्याज़ की बोरियों पर ख़ास नज़र रखते हैं.
दिल्ली की एक गृहिणी जहां आरा ख़ान कहती हैं, ''ह्मलोग प्याज़ के बग़ैर खाना कैसे खा सकते हैं. चिकेन और चीज़ तो ख़ास व्यंजन समझे जाते हैं लेकिन अब तो प्याज़ भी उतना ही महंगा हो गया है. मुझे तो समझमें नहीं आ रहा कि प्याज़ के बग़ैर खाना कैसे बनाउं.''

एक डर ये भी है कि बढ़ती क़ीमतों के कारण जमाख़ोरी भी होने लगी है क्योंकि लोगों को और व्यापारियों को डर है कि क़ीमतें कम होने के बजाए और बढ़ेंगी.
राजनीतिक मुद्दा
अब तो ये राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है. संसद में हंगामे के बाद सरकार ने प्याज़ की क़ीमत को कम करने और लोगों को राहत देने के लिए कई क़दम उठाने की घोषणा की.
सरकार ने दो हफ़्तों तक प्याज़ के <link type="page"><caption> निर्यात</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/business/2011/10/111007_pak_vegetable_hc.shtml" platform="highweb"/></link> पर पाबंदी लगा दी. इसके अलावा सरकार <link type="page"><caption> पाकिस्तान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/01/110106_onion_ban_pp.shtml" platform="highweb"/></link> से प्याज़ आयात करने पर भी विचार कर रही है.
लेकिन विपक्षी पार्टी भाजपा इससे संतुष्ट नहीं हैं.
भाजपा के एक नेता विजय जॉली ने राखी के दिन मिठाई की बजाए तोहफ़े में प्याज़ दिया. विजय जॉली का कहना है, ''सरकार अब प्याज़ निर्यात करने की बात कह रही है. उसने पहले इसके बारे में क्यों नहीं सोचा. ये एक बड़ी समस्या है. खाद्य पदार्थों की क़ीमत पहले से ही इतनी बढ़ी हुई है ऐसे में लोगों पर ये एक और बोझ है.''
दिल्ली के चुनावों में प्याज़ की ख़ास अहमियत है. 1998 में दिल्ली विधानसभा के लिए हुए चुनाव में <link type="page"><caption> प्याज़</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/business/2010/12/101221_onion_price_va.shtml" platform="highweb"/></link> की बढ़ी क़ीमत के कारण सत्ताधारी भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा था.
शायद इसको ध्यान में रखते हुए मौजूदा कांग्रेस सरकार ने स्पेशल काउंटर खोले हैं जहां कम क़ीमत पर प्याज़ मिल रहा है.
कई राज्यों में नवंबर में और अगले साल लोक सभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में प्याज़ की बढ़ी क़ीमत केवल ग़रीब जनता की ही नहीं राजनेताओं के लिए चिंता का विषय हो सकती है.
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