क्या आगे बढ़ पाएगी भारत-पाकिस्तान वार्ता?

पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पांच भारतीय सैनिकों की मौत के बाद भारत-पाक के बीच प्रस्तावित वार्ता खटाई में पड़ती नज़र आ रही है.
बीजेपी ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वह पाकिस्तान के साथ प्रस्तावित वार्ता को स्थगित कर दें.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल होने के लिए अमरीका जाने वाले हैं, जहां उनकी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ से मुलाकात हो सकती है.
उच्चायुक्त को तलब करें
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने कहा, “<link type="page"><caption> पाकिस्तान के साथ</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/07/130725_malala_taleban_pakistan_vr.shtml" platform="highweb"/></link> तब तक कोई बात नहीं होनी चाहिए जब तक वह 6 जनवरी, 2004 को अटल बिहारी वाजपेयी को दिए आश्वासन को पूरा नहीं करता. पाकिस्तान से किसी भी स्तर पर कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए. ख़ासतौर पर प्रधानमंत्री के स्तर पर तो कतई नहीं.”

भारत और पाकिस्ता ने जनवरी 2004 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसमें <link type="page"><caption> पाकिस्तान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/08/130806_parliament_indian_soldier_reaction_an.shtml" platform="highweb"/></link> ने वादा किया था कि वह भारत के खिलाफ़ आतंकी घटनाओं के लिए अपनी ज़मीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा.
पीटीआई के अनुसार यशवंत सिन्हा ने कहा, “हम वार्ता और युद्ध को लेकर असमंजस में हैं. वार्ता और युद्ध के बीच बहुत ज़्यादा जगह है.” उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस जगह का इस्तेमाल नहीं किया है.
मंगलवार को संसद में दिए गए रक्षामंत्री के बयान का ज़िक्र करते हुए सिन्हा ने कहा कि यह चिंता की बात है कि सीमापार से घुसपैठ में 80 फ़ीसदी बढ़ोत्तरी हुई है और सिर्फ़ छह महीने में 57 बार युद्धविराम का उल्लंघन किया गया है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को <link type="page"><caption> पाकिस्तान के</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/08/130801_new_pakistan_president_agra_aa.shtml" platform="highweb"/></link> उप उच्चायुक्त के सामने विरोध दर्ज करवाने के बजाय पाकिस्तान के उच्चायुक्त को भारतीय विदेश सचिव के समक्ष तलब करना चाहिए था.
मुआवज़ा
उधर भारतीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि सरकार को अपनी <link type="page"><caption> ज़िम्मेदारियों के बारे में एहसास</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/08/130806_pak_khurshid_vk.shtml" platform="highweb"/></link> है और वो सभी विकल्पों पर विचार करने के बाद राष्ट्रीय हित में काम करेगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सलमान खुर्शीद ने कहा, “हम जल्दबाज़ी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहते. हम ऐसी स्थिति को जन्म नहीं देना चाहते जिससे भारत की सुरक्षा और शांति को खतरा पहुँचे. हम राष्ट्रीय हित में जो भी ज़रूरी होगा, वो करेंगे.”
विपक्ष की इस मांग पर कि इस घटना के लिए कथित तौर पर ज़िम्मेदार पाकिस्तान को माकूल जवाब दिया जाए खुर्शीद ने कहा कि वो विपक्षी नेताओं से सलाह नहीं लेंगे क्योंकि उन्हें (राष्ट्रीय हितों के बारे में) समझ नहीं है.
खुर्शीद ने कहा, “मैं यहाँ विपक्ष की तरह नहीं बर्ताव करना चाहता मैं उनसे सलाह नहीं लूँगा. मैं वही करूँगा जो मुझे लगे देशहित में लगेगा. ये दुख की बात है कि विपक्ष देशहित को नहीं समझता लेकिन हम समझते हैं. हमें अपनी ज़िम्मेदारियों का एहसास है.”
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुंछ में शहीद हुए 21 बिहार रेजीमेंट के चार जवानों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये देने का ऐलान किया है.
मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार शहीदों का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा.
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