मणिपुर के राजा ने तोड़ी भूख हड़ताल

मणिपुर का राजमहल
इमेज कैप्शन, राजमहल को लेकर मणिपुर राज्य सरकार और राजा के बीच 2006 में एक समझौता हुआ था
    • Author, सुबीर भौमिक
    • पदनाम, कोलकाता से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

मणिपुर के पूर्व राजा ने अपनी दस दिन पुरानी भूख हड़ताल तोड़ दी है. वे सरकार की ओर से खुद को राजमहल से बेदख़ल किए जाने नाराज़ होकर भूख हड़ताल पर थे.

<link type="page"><caption> राजा लीशेम्बा सानाजाओबा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/06/130627_manipur_king_strike_sm.shtml" platform="highweb"/></link> के एक सहयोगी ने कहा कि राजा राज्य सरकार के साथ वार्ता करेंगे. राजा ने 24 जून से भूख हड़ताल शुरू की थी.

राज्य सरकार महल का पुनरुद्धार कर उसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करना चाहती है.

लेकिन उनके सहयोगियों का कहना है कि यह राज परिवार और सरकार के बीच हुए समझौते का उल्लंघन होगा.

बातचीत की प्रक्रिया

राजा के सलाहकार पुयाम तोमचा ने बीबीसी से कहा कि कुछ महिला संगठनों और ग़ैर सरकारी संगठनों की अपील पर राजा लीशेम्बा सानाजाओबा ने अपनी भूख हड़ताल ख़त्म कर दी.

उन्होंने कहा,''वे चाहते थे कि राजा भूख हड़ताल ख़त्म कर <link type="page"><caption> मणिपुर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/01/120128_manipur_elex_vote_fma.shtml" platform="highweb"/></link> की सरकार के साथ बातचीत शुरू करें. राजा ने उनका आग्रह मान लिया है.''

राजा के सहयोगियों का कहना है कि साना कुनांग राजमहल और उसके आसपास की जमीन का अधिग्रहण कर उसे विरासत स्थल में बदलने का राज्य सरकार का फ़ैसला राज परिवार और <link type="page"><caption> राज्य सरकार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2011/11/111129_manipur_rn.shtml" platform="highweb"/></link> के बीच 2006 में हुए समझौते का उल्लंघन है.

तोमचा ने कहा, ''दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते में साफ़-साफ़ कहा गया है कि उनकी सहमति के बिना राजमहल के बारे में कोई फ़ैसला नहीं लिया जाएगा.''

सरकार का कहना है कि राजमहल के आसपास की बहुत सी जमीन अपना परंपरागत चरित्र खो चुकी है, क्योंकि इसे पूर्व राजा ओकेंद्रा ने बेच दिया था. इस जमीन पर ऊंची इमारतें बन गई हैं.

कैसे बना महल

राजा लीशेम्बा सानाजाओबा
इमेज कैप्शन, लीशेम्बा सानाजाओबा के सहयोगी कह रहे हैं कि सरकार अपना वादा नहीं निभा रही है

कभी शक्तिशाली रहे मणिपुर के राज परिवार ने 1891 के एंग्लो- मणिपुर युद्ध के कांगला महल पर कब्जा जमा लिया था और राज परिवार के रहने के लिए साना कुनांग महल का निर्माण कराया था.

मणिपुर के भारतीय गणराज्य में शामिल होने के बाद में इस महल को सेना के मुख्यालय और अर्ध सैनिक बल असम राइफल्स के लिए आवास परिवार में तब्दील कर दिया गया था.

इसके बाद भी सीमित अधिकारों वाले राजा का परिवार इस राजमहल के एक हिस्से में रहता है.

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