इशरत जहां कांड: वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को झटका

गुजरात उच्च न्यायालय ने बहुचर्चित इशरत जहाँ मुठभेड़ मामले में गुजरात के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पीपी पांडेय की अर्ज़ी ख़ारिज कर दी है.
न्यायालय ने उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने और गिरफ्तारी से छूट मांगने वाली याचिका खारिज कर दी.
2004 में जब <link type="page"><caption> इशरत जहाँ कांड</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/06/130612_ishrat_encounter_dp.shtml" platform="highweb"/></link> हुआ, तब पीपी पांडेय अहमदाबाद में संयुक्त पुलिस आयुक्त के पद पर तैनात थे और अपराध शाखा की अगुआई कर रहे थे.
दूसरी ओर इस <link type="page"><caption> मुठभेड़ कांड</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/12/111218_ishrat_ml.shtml" platform="highweb"/></link> की जांच कर रहे अपने अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए <link type="page"><caption> सीबीआई</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/12/111201_ishrat_cbi_skj.shtml" platform="highweb"/></link> ने गृह मंत्रालय और महाराष्ट्र के डीजीपी को चिट्ठी लिखकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है.
अधिकारियों को धमकी मिलने की ख़बरों पर टिप्पणी करते हुए सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, “हमने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से अधिकारियों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है.”
चार्जशीट

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ सीबीआई चार जुलाई को चार्जशीट दायर करेगी.
19 साल की इशरत जहाँ की मौत 2004 में अहमदाबाद के बाहरी इलाके में पुलिस के साथ एक कथित मुठभेड़ में हुई थी.
गुजरात पुलिस का दावा है कि <link type="page"><caption> इशरत</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2010/11/101123_ishrat_sit_vv.shtml" platform="highweb"/></link> और उसके तीन दोस्त गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या करने के इरादे से अहमदाबाद पहुंचे थे जहां पुलिस के साथ मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई थी.
मानवाधिकार कार्यकर्ता इस मुठभेड़ की सच्चाई पर सवाल उठाते रहे हैं. मुठभेड़ अहमदाबाद से सटे नरोल में हुई थी. इशरत के अलावा उसके साथ जावेद शेख, अमजदाली अकबराली राना और जीशान जोहर भी इस मुठभेड़ में मारे गए थे.
इशरत मामले में कांग्रेस और भाजपा के बीच वाक्-युद्ध जारी है.
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, राजीप प्रताप रूड़ी समेत तमाम भाजपा नेता लगातार कांग्रेस पर सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप मढ़ते आ रहे हैं.
दूसरी ओर सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी समेत कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि अगर मोदी पाक साफ़ हैं तो फिर सीबीआई जांच से कैसी घबराहट.
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