उत्तराखंड: एक हज़ार से ज्यादा अब भी फंसे

उत्तराखंड में आपदा प्रभावित इलाकों में एक हज़ार से ज्यादा लोग अब भी फंसे हुए हैं. गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि बचाव कार्य में बीमार, बूढ़े और लाचार लोगों को तरजीह दी जाएगी.
उन्होंने कहा है कि फंसे हुए लोगों को युद्धस्तर पर निकालने के लिए और एमआई-17 हेलीकॉप्टर काम पर लगाए जाएंगे.
सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में आपदा प्रभावित क्षेत्रों से लगभग तीन हज़ार लोग लापता हैं.
उत्तराखंड में मौजूद बीबीसी संवाददाता शालिनी जोशी के अनुसार शुक्रवार को भी राहत और बचाव कार्य जारी रहा और बद्रीनाथ से 800 लोगों को और हर्षिंल से 500 से ज्यादा लोगों को निकाला गया.
सरकार के मुताबिक अब तक 1 लाख चार हज़ार से ज्यादा लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों में पंहुचा दिया गया है.
अंतिम संस्कार में बाधा
दावा है कि मौसम ने साथ दिया तो शनिवार तक फंसे लोगों को निकालने का काम पूरा हो जाएगा.
उधर बारिश की वजह से शवों के अंतिम संस्कार के काम में भी बाधा पहुंच रही है.
पुलिस महानिरीक्षक आर एस मीणा के मुताबिक मारे गए लोगों का शुक्रवार को कहीं भी सामूहिक दाह संस्कार नहीं हो पाया.
केदारनाथ में लगातार बारिश होती रही और बरामद हुए कुछ शव अलग-अलग स्थानों में शवगृह में रखे गये हैं.
इस बीच उत्तरकाशी से खबर है कि भागीरथी वहां फिर उफान पर हैं. स्थानीय पत्रकार बलबीर नेगी ने बताया कि अगर इसी तरह बारिश होती रही तो नदी किनारे के इलाकों को फिर खतरा बढ़ सकता है.
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