अमरीका-तालिबान वार्ता में भारत के हितों की रक्षा होगी: खुर्शीद

- Author, रियाज़ मसरूर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
भारत के विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि अमरीका और अफ़ग़ानिस्तानी तालिबान के बीच हो रही बातचीत में भारत के हितों का ध्यान रखा जाएगा.
उन्होंने कहा, “दुनिया कुछ सीमाओं पर राज़ी हो गई है. तालिबान को हथियार छोड़ देना चाहिए, अफ़ग़ानिस्तान के संविधान की इज़्ज़त करनी चाहिए और अलक़ायदा से दूरी बना लेनी चाहिए.”
कुछ दिन पहले अमरीका ने कहा था कि वह तालिबान से औपचारिक बातचीत शुरू करेगा जिसके बाद अफ़गानिस्तान भी उससे बातचीत करेगा.
शांति वार्ता के लिए ही कतर की राजधानी दोहा में तालिबान का एक कार्यालय भी खोला गया लेकिन इसी के ठीक बाद अफ़ग़ानिस्तान में हुए हमलों ने बातचीत के प्रयासों को धक्का पहुंचाया है.
पाकिस्तान से वार्ता
सलमान खुर्शीद ने कहा, “अफ़ग़ानिस्तान में हाल ही में हुए हमलों ने बातचीत के प्रयासों पर सवाल पैदा कर दिए हैं. मुझे लगता है कि अमरीका को भी तालिबान से वार्ता के नतीजे के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी है.”

उन्होंने कहा कि अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी के भारत दौरे के दौरान भारतीय अधिकारियों ने उनसे तालिबान से बातचीत में भारत और अफ़गानिस्तान के हितों की रक्षा के बारे में वार्ता की थी जिसके जवाब में उन्होंने इस पर सहमति जताते हुए हामी भरी है.
पाकिस्तान से बातचीत एक बार फिर शुरू करने के बारे में खुर्शीद ने कहा कि पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने सकारात्मक संकेत दिए हैं और भारत ने उसका स्वागत किया है.
26/11 मुंबई हमलों का ज़िक्र किए बग़ैर खुर्शीद ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत इस बात पर निर्भर करेगी कि भारत की मांगों का किस प्रकार ध्यान रखा जा रहा है.
भारत ने मुंबई हमलों के कथित मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी.
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