विद्याचरण शुक्ल की हालत अब भी नाज़ुक

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हुए नक्सली हमले में ज़ख़्मी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल की हालत अब भी नाज़ुक बनी हुई है. उन्हें आईसीयू में रखा गया है और उनकी हालत पर लगातार नज़र रखी जा रही है.
वे इस समय गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं और करीब 15 डॉक्टरों की एक टीम उनकी देखभाल कर रही है.
इनमें क्रिटिकल केयर, गैस्ट्रो इंटेस्टिनल सर्जरी और ऑर्थोपीडिक्स विभाग के डॉक्टर शामिल हैं.
मेदांता अस्पताल के प्रवक्ता डॉक्टर एके दुबे के मुताबिक विद्याचरण शुक्ल को नक्सली हमले के दौरान करीब 14 छर्रे लगे थे. ये छर्रे उनके चेहरे, सीने, पेट और जांघों पर लगे.
इलाज

डॉक्टर दुबे ने बताया कि एक छर्रा शुक्ल के पेट में घुस गया था और फिर आंतों को छेदकर लिवर को नुकसान पहुंचाते हुए पीठ से बाहर निकल गया था.
इस छर्रे ने उन्हें ज़्यादा नुकसान पहुंचाया. डॉक्टर दुबे ने बताया कि इसे निकालकर पेट की सफ़ाई कर दी गई थी.
नक्सली हमले में ज़ख़्मी विद्याचरण शुक्ल को सबसे पहले जगदलपुर के अस्पताल ले जाया गया था. वहां से 24-25 मई की रात मेदांता की एयर एंबुलेंस छत्तीसगढ़ से विद्याचरण शुक्ल को लेकर गुड़गांव आई.
सुबह मेदांता पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती किया और खून चढ़ाने के बाद उनकी हालत स्थिर बनाने के प्रयास शुरू हो गए.
छत्तीसगढ़ के बस्तर ज़िले की जीरम घाटी के क़रीब हुए नक्सली हमले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा समेत 28 लोगों की मौत हो गई थी.












