इस्तीफ़ा नहीं देंगे दिल्ली के पुलिस आयुक्त

पांच साल की एक बच्ची के साथ हुई बलात्कार की घटना के बाद सोमवार को दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने कहा कि उनके इस्तीफ़ा देने से हालात नहीं बदलेंगे.
दिल्ली में एक प्रेसवार्ता में नीरज कुमार ने कहा, "अगर मेरे इस्तीफ़े से समाज में होने वाले इस तरह के जघन्य अपराध कम हो जाते हैं तो मैं एक नहीं हज़ार बार इस्तीफ़ा देने के लिए तैयार हूँ. लेकिन इससे समस्या का हल नहीं हो सकेगा. असल समस्या गलत मानसिकता की है."
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में नीरज कुमार ने पत्रकारों के कई सवालों के जवाब भी दिए.
जब पत्रकारों ने उनसे उनके इस्तीफे के बारे में सवाल किया तो नीरज कुमार ने पलट कर पत्रकारों से ही पूछ डाला, "जब आप लोग रिपोर्टिंग में गलती करते हैं तब क्या आपके संपादक इस्तीफ़ा दे देते हैं?"
इस्तीफे़ की मांग
दिल्ली पुलिस के खिलाफ बीते कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और राजधानी में बलात्कार की घटनाओं में आए कथित इज़ाफ़े के बाद पुलिस आयुक्त के इस्तीफे की मांग तेज़ हो रही थी.
पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने अपने सहयोगी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ उठाए गए कदम के बारे में जानकारी दी.
उन्होंने कहा, "जब कैमरे पर इस तरह की तस्वीरें दिखीं जिसमे पुलिस अधिकारी बीएस अहलावत को विरोध कर रही एक लड़की पर हाथ उठाते देखा गया था, मैंने तुरंत उनके खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें निलंबित कर दिया गया."
नीरज कुमार के अनुसार इन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ जांच जारी है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक़ गांधीनगर इलाक़े में पांच साल की बच्ची के साथ हुई बलात्कार की घटना में अब तक दो गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.

प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी के मुखिया और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने भी पुलिस आयुक्त की प्रेस वार्ता के तुरंत बाद पत्रकारों को संबोधित किया.
उन्होंने कहा, "अगर हमारे समर्थक इस पांच साल की बच्ची की मदद की गुहार लेकर अस्पताल नहीं जाते तो इसे शिफ्ट नहीं किया जाता और न जाने क्या होता”.
उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि कैसे उनके पार्टी कार्यालय में तमाम लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं.
उन्होंने कहा, "मदद की बढती मांगों के चलते हमने एक महिला सुरक्षा दल के गठन का फैसला लिया है. ये दल पुलिस से मदद या अस्पताल में पीड़ितों को भर्ती कराने में आम लोगों की मदद करेगा".
साथ ही उन्होंने दिल्ली के सभी बड़े अस्पतालों से भी अपील की है कि वे इस तरह के मामले में पीड़ितों की मदद करें.
चिंता

बढ़ते हुए विरोध प्रदर्शन की चिंताओं के चलते सोमवार को दिल्ली के कुछ मेट्रो स्टेशनों को भी बंद कर दिया गया था.
महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे यौन अपराधों से आम जनता के बीच आक्रोश तब से ख़ास तौर पर बढ़ गया है जब पिछले वर्ष दिसंबर में एक छात्रा के साथ चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया था.
इस घटना के कुछ दिन बाद उनकी मौत हो गई थी.
भारत की महिला और बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने पिछले महीने संसद में इस बात को स्वीकार किया था कि गुमशुदा बच्चों की बढती संख्या भी 'खतरनाक स्तर' तक पहुँच चुकी है.
भारत में अपराधों का लेखा जोखा रखने वाली संस्था नैशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार देश में वर्ष 2011 में 34,406 गुमशुदा बच्चों की तलाश असफल रही.












