शेरों पर झगड़े को सुप्रीम कोर्ट ने सुलझाया

<link type="page"><caption> उच्चतम न्यायालय</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/04/130410_sc_bulandshahar_rape_rd.shtml" platform="highweb"/></link> ने <link type="page"><caption> गुजरात</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/04/130408_modi_ficci_speech_vd.shtml" platform="highweb"/></link> को आदेश दिया है कि वह लुप्तप्राय एशियाई <link type="page"><caption> शेरों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/03/130314_lion_light_rd.shtml" platform="highweb"/></link> में से कुछ अपने पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश को भी दे.
एशियाई शेर भारत में करीब-करीब ख़त्म हो गए थे। पिछले 50 साल में गुजरात की सरंक्षण प्रयासों के चलते इन्हें बचाया जा सका है.
अदालत का कहना है कि शेरों के पास एक वैकल्पिक आवास भी होना चाहिए ताकि किसी बीमारी या आग जैसी आपदा के चलते उनकी पूरी आबादी ही साफ़ न हो जाए.
माना जाता है कि गुजरात के गीर के जंगलों में करीब 400 शेर हैं.
गुजरात का विरोध
गुजरात के कुछ नेताओं ने मध्य प्रदेश में शेर भेजे जाने को लेकर विरोध दर्ज कराया था.
इन्हें आशंका थी कि वहां इन शेरों की देखभाल ठीक से नहीं हो पाएगी.
गुजरात ने मध्य प्रदेश की याचिका का यह कहकर विरोध किया था कि पन्ना सुरक्षित वन क्षेत्र में राज्य अपने बाघों को भी नहीं बचा सका था.
लेकिन न्यायालय ने वन्यजीव अधिकारियों को स्थानांतरण के लिए छह महीने का समय दिया है.
मध्य प्रदेश के वन अभ्यारण्य, जो कि ज़्यादा घने जंगल हैं, में भेजे जाने वाले शेरों की सही संख्या के बारे में अगली तारीख में बताया जाएगा.
न्यायालय ने सरकार की नामीबिया से अफ्रीकी चीतों के आयात की सरकार की योजना को भी ख़ारिज कर दिया.
चीता भारत से करीब 50 साल पहले लुप्त हो गया था.












