क्या कहता है ‘बीबीसी’ विजेंदर के बारे में?

“एक समय था जब मीडिया इस क्लब में विजेंदर की वाह-वाही करते हुए आती थी और आज आलम ये है कि विजेंदर पर लगे आरोपों को लेकर हुई बदनामी का मुआइना लेने मीडिया वाले यहां पहुंच रहे हैं.”

ये कहना है बॉक्सिंग कोच जगदीश सिंह का जो भिवानी बॉक्सिंग क्लब यानि ‘बीबीसी’ में मुख्य कोच हैं.

द्रोणाचार्य अवार्ड हासिल कर चुके जगदीश सिंह ने विजेंदर सिंह को बचपन से बॉक्सिंग के लिए प्रशिक्षण दिया और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया.

उनका कहना है कि <link type="page"><caption> विजेंदर पर ड्रग्स लेने के आरोपों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/03/130331_vijender_drugs_sm.shtml" platform="highweb"/></link> की खबरें सुनने के बाद भिवानी बॉक्सिंग क्लब में आने वाले बच्चों के बीच उदासीनता का माहौल है.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, “मुझे और मेरे प्रशिक्षार्थियों को इस खबर पर यकीन नहीं है. विजेंदर का व्यक्तित्व ऐसा बिलकुल नहीं है. वो इतना मेहनती मुक्केबाज़ है और हमने कभी उसे सिगरेट तक पीते हुए नहीं देखा, ड्रग्स तो दूर की बात है. अगर विजेंदर ड्रग्स के चक्कर में होता, तो वो ओलंपिक मेडल न ला पाता.”

गत रविवार को पंजाब पुलिस ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ व ओलंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह ने दिसंबर 2012 से फरवरी 2013 के बीच 12 बार ड्रग्स का सेवन किया.

‘वो हीरो था, है और रहेगा’

बीबीसी में पांच साल से बॉक्सिंग कर रहे मनदीप ने ये खबर टेलिविज़न पर अपने परिवार के साथ देखी.

पसीने से लथपथ मनदीप ने ताज्जुब भरे हाव भाव के साथ कहा, “मुझे ये खबर सुन कर थोड़ा गुस्सा आया...विजेंदर पर नहीं, बल्कि मीडिया और पुलिस पर जो उन्हें फंसाने की कोशिश कर रही है. मुझे बहुत निराशा हुई लेकिन मेरा हौंसला कम नहीं हुआ है. विजेंदर अब भी हमारा रोल मॉडल है.”

मनदीप की हां में हां मिलाते हुए बॉक्सर मनीष ने कहा, “बॉक्सिंग करने वाले हर खिलाड़ी का समय समय पर डोप टेस्ट होता है. अगर उन्होंने ऐसा कुछ किया होता तो बहुत पहले ही सामने आ जाता. चूंकि विजेंदर इतनी बड़ी हस्ती हैं, तो हो सकता है कि उनकी छवि बिगाड़ने के लिए ऐसी खबरें मीडिया में दी जा रही हैं. मुझे यकीन है कि वे निर्दोष साबित होंगें.”

भिवानी बॉक्सिंग क्लब को ‘लिटल क्यूबा’ के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यहां से ट्रेनिंग लेने वाले कई खिलाड़ी आगे जाकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्टार बॉक्सर साबित हुए हैं.

2008 में जब विजेंदर बीजिंग ओलंपिक में मेडल लेकर आए थे, तो क्लब का बोलबाला और बढ़ गया था.

'निर्दोष हैं तो सामने आएं'

भिवानी में विजेंद्र के गांव कालूवास में इस खबर के बाद निराशा का माहौल है
इमेज कैप्शन, भिवानी में विजेंद्र के गांव कालूवास में इस खबर के बाद निराशा का माहौल है

इस क्लब में केवल लड़कों के ही नहीं, बल्कि लड़कियों के भी रोल मॉडल विजेंदर सिंह ही हैं.

बॉक्सिंग रिंग में अपनी प्रतिद्वंदी को ज़ोरदार टक्कर देती हुई बॉक्सर प्रवीन ने कहा, “ये सब बकवास है. मैं ये बात मान ही नहीं सकती कि विजेंदर ने ड्रग्स लिए हैं. जब मेरे परिवार वालों ने टीवी पर खबर देखी, तो उन्होंने कहा कि अब तो विजेंदर का पतन हो गया. लेकिन मैंने उनका विरोध करते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं होगा क्योंकि विजेंदर निर्दोष हैं.”

कोच जगदीश सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि विजेंदर सिंह अपनी सफाई में <link type="page"><caption> टेस्ट देने से क्यों इनकार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/03/130311_vijendar_heroine_ss.shtml" platform="highweb"/></link> कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, “चूंकि विजेंदर भारतीय जनता का हीरो है, तो जनता का हक बनता है कि वो उनसे पूछे कि अगर वे निर्देष हैं तो टेस्ट करवा कर इसे साबित क्यों नहीं करते? मैं विजेंदर को यही सलाह देना चाहूंगा कि वे अपने खिलाफ आ रही खबरों को झूठ साबित करने के लिए किसी भी प्रकार का सेंपल देने से कतराएं नहीं.”

‘पूरा हरियाणा विजेंदर के साथ है’

जहां भिवानी बॉक्सिंग क्लब में अविश्वस का माहौल है वहीं भिवानी में विजेंदर के गांव कालुवास में गांव वालों को उनके ड्रग्स लेने की खबर सुन कर गहरा धक्का लगा है.

कालुवास में विजेंदर के घर से कुछ ही दूरी पर ताश खेलते हुए पुरुषों के सामने जैसे ही मैंने विजेंदर सिंह का मसला छेड़ा, तो सबने एक आवाज़ में कहा कि उनका ‘हीरो’ निर्दोष है.

इनमें से एक सुनील कुमार चौहान, विजेंदर के नाई होने का दावा करते हैं और कहते हैं कि विजेंदर को फंसाया जा रहा है.

उनका कहना था, “विजेंदर ने भिवानी का नाम रौशन किया है, हरियाणा का नाम रौशन किया है और पूरे भारत का नाम रौशन किया है. वो कभी ऐसा घिनौना काम नहीं कर सकता जिससे हमारे गांव को मिली वैश्विक प्रसिद्धी बदनामी में बदल जाए. वो तो गांव के बुज़ुर्गों को हुक्का न पीने की सलाह देता रहता है, तो ऐसा इंसान खुद ड्रग्स का सेवन कैसे कर सकता है? पूरा हरियाणा विजेंदर के साथ है और इस खबर का विरोध करेगा.”

मोटरसाइकल पर गुज़र रहे एक स्थानीय स्कूल के पीटी मास्टर सतीश चौहान ने विजेंदर पर हो रही चर्चा को सुन कर ब्रेक लगाए और अपने विचार व्यक्त किए.

जोश से भरे मास्टर जी ने कहा “गांव में तो दूर की बात है, पूरे भारत में इस खबर पर कोई विश्वास नहीं करने वाला. विजेंदर बहुत पहुंची हुई हस्ती है, इसलिए उसे फंसाया जा रहा है. ये खबरें पंजाब से आ रही हैं जो कि ड्रग्स का अड्डा माना जाता है. मुक्केबाज़ राम सिंह पंजाब से है और उसी ने विजेंदर की गाड़ी और फोन का दुरुपयोग कर उन्हें फंसाया होगा.”

ये तो साफ है कि भिवानी को पूरे विश्व में प्रसिद्ध बनाने वाले बॉक्सर विजेंदर सिंह के समर्थन में पूरे गांव की आवाज़ एकमत है, लेकिन साथ ही नज़रें टिकी हैं विजेंदर सिंह के उस फैसले पर जो उन्हें दोषी या निर्दोश साबित कर सकता है.