किंगफिशर से छिने विदेशी उड़ानों के अधिकार

भारत के उड्डयन मंत्रालय ने संकट से जूझ रही <link type="page"> <caption> किंगफिशर एयरलाइंस</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/10/121025_kingfisher_agreement_sa.shtml" platform="highweb"/> </link> को दिए गए सभी अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय यातायात अधिकार वापस ले लिए हैं.
इन्हीं अधिकारों के तहत किंगफिशर कुछ महीनों पहले तक हांगकांग, थाईलैंड, सिंगापुर और ब्रिटेन समेत कुल आठ देशों के लिए उड़ानें भर रही थी. लेकिन अब ये अधिकार उससे छीन लिए गए हैं.
ये अधिकार किंगफिशर को 2008 और 2011 के बीच दिए गए थे.
वैसे विमानन उद्योग पर नजर रखने वाले लोग किंगफिशर से उड़ान भरने के अधिकार छीने से जाने से हैरान नहीं हैं.
दरअसल इस एयरलाइंस के विमान बकाया वेतन को लेकर कर्मचारी की बार बार हड़ताल के कारण पिछले साल अक्टूबर से उड़ान नहीं भर पाए हैं.
और बढ़ी मुश्किलें
किंगफिशर शराब कारोबारी <link type="page"> <caption> विजय माल्या</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/12/121218_mallya_gold_pp.shtml" platform="highweb"/> </link> की एयरलाइंस है और इसे कभी भारत की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइंस समझा जाता था. लेकिन महीनों से ये एयरलाइंस संकट में फंसी है.
किंगफिशर के ऊपर 1.4 अरब डॉलर का कर्ज है और वो अब धन जुटाने के रास्ते तलाश रही है. ऋणदाता पहले ही उसे कर्ज देने से इनकार कर चुके हैं.
सरकार ने इस एयरलाइंस का <link type="page"> <caption> लाइसेंस को निष्क्रिय</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/10/121020_kingfisher_license_vk.shtml" platform="highweb"/> </link> कर दिया है.
अब नागरिक विमानन मंत्री ने फैसला किया है जिन रूटों के अधिकार किंगफिशर के पास थे उन्होंने अन्य विमानन कंपनियों को दिया जाए. इस तरह अन्य भारतीय एयरलाइंसों को प्रति सप्ताह और 25 हजार हवाई मुसाफिर मिल पाएंगे.
इतना ही नहीं, किंगफिशर से कुछ घरेलू उड़ानों के अधिकार भी वापस लिए जा रहे हैं.












