शिंदे के खेद के बाद चल पाएगी संसद!

आज से आरंभ होने वाले संसद के बजट सत्र में सरकार हर वो कोशिश कर चुकी है जिससे विपक्ष को आसानी के साथ बजट पास कराने के लिए मना सके.
लेकिन संभावित आम चुनावों के पहले यह सत्र राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है और हर विपक्षी दल इसका इस्तेमाल अपनी सक्रियता और महत्त्व को दर्शाने के लिए करेगा.
सरकार के लिए चिंता का विषय केवल मुख्य विपक्षी दल भाजपा ही नहीं है. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे बाहर से समर्थन देने वाले सरकार को कभी भी संकट में डाल सकते हैं.
सरकार के प्रयास
<link type="page"> <caption> सुशिल कुमार शिंदे</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/01/130120_shinde_vk.shtml" platform="highweb"/> </link> के 'हिंदू आतंकवाद' के मुद्दे पर <link type="page"> <caption> खेद जताने</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130220_bjp_shindey_jetley_rajnath_sushma_vr.shtml" platform="highweb"/> </link> के अलावा भी सरकार मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की ज़्यादातर मांगे मान चुकी है.
सरकार विपक्ष के शांत रखने के लिए पहले भी हेलिकॉप्टर घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने और ज़रुरत पड़ने पर सौदे को रद्द करने की बात कह चुकी है.
इसके अलावा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह भी कह चुके हैं कि अफज़ल गुरु की लाश को उनके परिवार को सौंपने के बारे में भी संसद में बात होगी.
समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी दोनों सरकारियों नौकरियों के प्रमोशन में दलितों आदिवासियों को आरक्षण के मसले पर सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं.
इसी तरह सरकार में शामिल डीएमके जैसे दल श्रीलंका में एलटीटीई के पूर्व नेता प्रभाकरण के बेटे किशोर बालचंद्रन की श्रीलंकाई सैनिकों द्वारा कथित ह्त्या पर सरकार के लिए उलझन बढ़ा सकते हैं.
भारतीय जनता पार्टी जैसे दल महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को हलाकान करने की पूरी कोशिश करेंगे. भाजपा के प्रवक्ता और राज्य सभा सदस्य प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "हमने 40 से अधिक मुद्दों पर बहस के लिए संसद में नोटिस दिए हैं."
जावड़ेकर ने कहा कि उनकी पार्टी संसद को चलाना चाहती हैं लेकिन जनता ने उन्हें ' <link type="page"> <caption> सरकार पर अंकुश'</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/09/120905_parliament_scuffle_rj.shtml" platform="highweb"/> </link> लगाने की और प्रहरी की भूमिका निभाने के ज़िम्मेदारी दी है."
गंभीर एजेंडा
संसद के इस तीन माह लंबे सत्र में बजट के अलावा भी कई महत्वपूर्ण कानूनी मसौदे संसद के सामने आने वाले हैं.
संसद को इस दौरान तीन अध्यादेशों को मंज़ूरी देना है और 35 पहले से सामने रखे बिलों को मंज़ूरी देना है. इसके अलावा सरकार इस सत्र में 35 नए बिल भी संसद के सामने रखने वाली है.
देश के आम बजट के पहले 26 फ़रवरी को रेलवे बजट आने वाला है, 27 तारीख़ को देश की अर्थव्यवस्था का सर्वे सामने आएगा और 28 तारिख को देश का अगला आम बजट.
इससे इतर दिल्ली में सामूहिक बलात्कार के बाद <link type="page"> <caption> यौन हिंसा</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/01/130104_police_chief_shinde_meeting_fma.shtml" platform="highweb"/> </link> के खिलाफ जेएस वर्मा समिति के सूजे गए उपायों पर भी संसद विचार करेगी. सरकार इस संदर्भ में पहले ही एक अध्यादेश जारी कर चुकी है.












