हिंसा के ख़िलाफ़ सौ करोड़ महिलाओं का अभियान

महिलाओं के ख़िलाफ़ होने वाली हर तरह के हिंसा के विरोध में पूरी दुनिया में वन बिलियन राइज़िंग अभियान के तहत पुरुष और महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं.
महिलाओं को बराबरी और सम्मान का दर्जा दिलाने के उद्देश्य वाला ये अभियान दुनिया के करीब दो सौ देशों में एक साथ चलाया जा रहा है.
भारत की राजधानी नई दिल्ली में भी इस अभियान के तहत कई आयोजन हो रहे हैं. संसद मार्ग पर शाम पांच बजे से आठ बजे के बीच संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों के जरिए महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा के विरोध जागरुकता फैलाई जाएगी.
इसमें लेडी श्रीराम कॉलेज, मिरांडा हाउस और कमला नेहरू कॉलेज के छात्र छत्राएं हिस्सा लेंगी. इसके बाद दिल्ली में चलती बस में <link type="page"> <caption> सामूहिक बलात्कार</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/12/121229_delhi_rape_victim_body_va.shtml" platform="highweb"/> </link> की शिकार हुई छात्रा की याद में मोमबत्तियाँ जलाईं जाएंगी. इसके अलावा दिल्ली ड्रमर्स ग्रुप की ओर से पोस्टरों की प्रदर्शनी लगाई जाएंगी.
...और बर्दाश्त नहीं
दिल्ली के अलग अलग मेट्रो स्टेशनों पर भी विकलांग युवाओं के समूह महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को रेखांकित कर रहे हैं.
अभियान के दक्षिण एशियाई देशों की संयोजक कमला भसीन ने कहा, “अब समय आ गया है जब महिलाओं और युवतियों के लिए एक नया आजादी का आंदोलन शुरू हो जिससे उन्हें पितृसत्तात्मक सोच और पुरुषवादी हिंसा से आजादी मिले.”
भारतीय संविधान में प्रत्येक महिला और पुरुष को बराबरी के अधिकार मिले हुए हैं. कमला भसीन ने कहा, “अभियान न्याय, समानता, शांति और सद्भाव के लिए है, हमें जीवन के हर क्षेत्र में- कानून, प्रशासन, परिवार, संस्कृति, धर्म, मीडिया में इस दिशा में काम करना है, इस आंदोलन के आगे बढ़ाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.”
देश भर में आयोजन
इस अभियान के तहत दिल्ली के अलावा देश के कई अन्य केंद्रों पर तरह तरह के आयोजन हो रहे हैं.
मुंबई के बांद्रा किले में दलित, लेस्बियन, सेक्स वर्कर, ट्रांसजेंडर, मुस्लिम और अन्य लोगों के साथ इस थीम पर चर्चा करेंगे कि क्यों वे इस अभियान के साथ हैं. इसमें फरहान अख्तर, राहुल बोस, नंदिता दास, मीता वशिष्ठ, जावेद अख्तर, अतुल कुलकर्णी, एहसान, लॉय और रेखा भारद्वाज शामिल होंगी.
वहीं भोपाल में राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस अभियान में शरीक होंगे. बोल कि लब आजाद हैं तेरे नामक इस कार्यक्रम में शबाना आजमी मुख्य आकर्षण होंगी.
वहीं अहमदाबाद में प्रसिद्ध डांसर मल्लिका साराभाई गरबा के परंपरागत नृत्य पर बीस हजार महिलाओं के साथ दो घंटे की प्रस्तुति पेश करेंगी. यह गुजरात विद्यापीठ के खेल मैदान पर शाम 5 बजे से 7 बजे तक होगा.
महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के विरोध में इस वैश्विक अभियान में बड़ी संख्या में पुरुष और युवा भी शरीक हो रहे हैं.












