हेलिकॉप्टर सौदा: वाजपेयी सरकार पर सवाल

इटली की कंपनी फिनमैकेनिका के साथ अगस्ता वेस्टलैंड <link type="page"> <caption> हेलिकॉप्टर सौदे में रिश्वतखोरी</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/02/130212_italian_defence_giant_arrested_pk.shtml" platform="highweb"/> </link> का मामला सामने आने के बाद भारत सरकार ने औपचारिक रूप से कंपनी से कई सवाल पूछे हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक भारत सरकार ने फिनमैकेनिका से पूछा है कि क्या इस सौदे के तहत किसी भारतीय कंपनी या व्यक्तियों को घूस दी गई.
सरकार ने कंपनी को कानूनी कार्रवाई की <link type="page"> <caption> चेतावनी</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130213_helicopter_antony_va.shtml" platform="highweb"/> </link> भी दी है, जिसमें कंपनी को ब्लैकलिस्ट भी करना शामिल है.
इस बीच रक्षा मंत्रालय ने अगस्ता वेस्टलैंड सौदे से जुड़ी कुछ अहम जानकारियाँ सार्वजनिक की है. मंत्रालय ने बताया है कि कैसे वर्ष 2010 में यह सौदा हुआ था.
मंत्रालय का कहना है कि हेलिकॉप्टरों की ख़रीद के लिए तकनीकी शर्तें वर्ष 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी के समय निविदाओं में बदल दी गई थी और इसमें तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ब्रजेश मिश्र ने अहम भूमिका निभाई थी.
चेतावनी

हेलिमंत्रालय ने कंपनी को चेतावनी देते हुए कहा है कि उसके साथ करार रद्द किया जा सकता है, पैसा वापस लिया जा सकता है, कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और क़ानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.
रक्षा मंत्रालय का ये भी कहना है कि वो दोषियों के ख़िलाफ़ हरसंभव क़ानूनी कार्रवाई करने को प्रतिबद्ध है और इस क्रम में सीबीआई जाँच के भी आदेश दे दिए गए हैं.
सौदे के तथ्यों के बारे में जानकारी देते हुए मंत्रालय ने बताया है कि हेलिकॉप्टर ख़रीद का प्रस्ताव मार्च 2002 में जारी किया गया था, जिसके तहत ये कहा गया था कि हेलिकॉप्टर 18 हज़ार फ़ीट तक की ऊँचाई तक उड़नी चाहिए.
इन शर्तों के साथ अगस्ता वेस्टलैंड इस समझौते का हिस्सा नहीं हो सकती थी, लेकिन बाद में इन शर्तों में ढील दी गई.












