मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में उमड़ा जनसैलाब

मौनी अमावस्या के मौक़े पर लाखों की तादाद में दूर दराज से आए लोग संगम नगरी प्रयाग में कुंभ स्नान कर रहे हैं. गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम पर स्नान के लिए लाखों की तादाद में श्रद्धालू इलाहाबाद पहुंच गए हैं और लोगों का आना जारी है.
महाकुंभ में छह महास्नान होते हैं और इन दिनों करोड़ों की तादाद में लोग डुबकी लगाते हैं.
55 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ की शुरुआत 14 जनवरी को मकर संक्रांति से हुई थी और पहले दिन 80 लाख लोगों ने स्नान किया था.
दरअसल तिथि के अनुसार मौनी अमावस्या शनिवार दोपहर को ही लग गई थी इसलिए लोगों ने उसी वक्त स्नान करना शुरू कर दिया था.
इस मौक़े पर 18 हज़ार फ़ुट लंबे संगम तट पर कुल 22 घाट बनाए गए हैं जहाँ श्रद्धालु स्नान कर सकते हैं.
कुंभ क्षेत्र 20 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है.
सुरक्षा इंतज़ाम
शाही स्नान के अवसर पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं. चार हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ अर्धसैनिक बल और कमांडो दस्ते भी मुस्तैद हैं.
मेले के पुलिस अधीक्षक आरकेएस राठौड़ का कहना है कि मेले की सुरक्षा बंदोबस्त अभूतपूर्व है और उन्हें उम्मीद है कि इस बार ऐतिहासिक संख्या में लोग आएंगे.
जूना अखाड़े के स्नान से पहले लोगों को नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स को लगाया गया था.
कुंभ मेले पर मीडियाकर्मियों का भी मेला लगता है. कुंभ की कवरेज के लिए दुनिया भर से दर्जनों भाषाओं के सैंकड़ों पत्रकार वहां मौजूद हैं.
भारतीय मीडिया में महाकुंभ की खासी चर्चा है.
इकोनॉमिक टाइम्स अखबार टाइम्स आर्काइव की दशकों पुरानी तस्वीरों के आधार पर लिखता है कि ऐसा प्रतीत होता है कि दशकों में कुछ खास नहीं बदला. संगम पर पुलिस का जमावड़ा वैसा ही है, अब केवल श्रद्धालुओं और कई साधुओं के हाथ में मोबाइल फोन नजर आते हैं.
भव्यता

कुंभ मेले में ऐसे कई बच्चे दिखाई दिए जो हिंदू देवी देवताओं का वेश बनाए हुए थे और अपनी फोटो खींचने के लिए लोगों से पैसे मांग रहे थे.
बीबीसी हिंदी पाठक सुभ्रांशु सिंह ने फेसबुक पर बताया कि उन्होंने पहले नागा साधु तो देखे थे लेकिन उन्हें महाकुंभ में भाले और त्रिशूल के साथ दौड़ते हुए पहली बार देखा.
कुंभ मेला परिसर में कुल 14 अस्पताल बनाए गए हैं जिनमें डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों का इलाज या तो किया गया है या हो रहा है.
उत्तर प्रदेश पुलिस प्रमुख एसी शर्मा के हवाले से टाइम्स ऑफ इंडिया लिखता है कि संसद पर हमले के दोषी अफज़ल गुरु की फांसी के बाद पूरे प्रदेश में हाई एलर्ट घोषित किया गया है और विशेष तौर पर महाकुंभ में जाते लोगों को अब त्रि-स्तरीय सुरक्षा छानबीन से होकर गुजरना होगा.
महाकुंभ में इतनी बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुँचे हैं कि बहुत से लोग खुले आसमान के नीचे ठंड में ज़मीन पर ही काग़ज़ या बोरी बिछाकर सो रहे हैं.
बीबीसी संवाददाता मुकेश शर्मा बताते हैं कि कुंभ में कुछ ऐसी भी अव्यवस्था दिख रही है कि महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए बने कुछ स्थानों को अब पुरूष शौचालय के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है.
हालांकि मेला प्रशासन ने कुंभ क्षेत्र में 35 हजार शौचालय बनाए हैं.
महाकुंभ में स्नान करने फिल्म निर्माता एकता कपूर भी पहुंचीं. समाचार एजेंसी पीटीआई को उन्होंने बताया कि वो आने वाली फिल्म 'एक थी डायन' के लिए आशीर्वाद लेने कुंभ में आई हैं.
रंग-बिरंगा माहौल

कुल मिलाकर इतना रंगबिरंगा माहौल है कि इंद्रधनुष ज़मीन पर उतर आया लग रहा है. पुलिस प्रशासन भी व्यवस्था सुचारु बनाने में लगा है.
इलाहाबाद के मंडलायुक्त देवेश चतुर्वेदी ने बीबीसी हिंदी को बताया, “मकर संक्रांति के स्नान के समय अखाड़े थे मगर मौनी अमावस्या में अखाड़ों का जुलूस कई गुना बड़ा होता है. इसी तरह कल्पवासियों का भी आना हो चुका है. तो मौनी अमावस्या पर लोगों का प्रबंध ज़्यादा बड़ा विषय है.”
वैसे साफ़-सफ़ाई इस मेले में सबसे बड़ा मसला है क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने का मतलब है कि उनके शौच आदि की व्यवस्था भी उसी पैमाने की चाहिए.
प्रशासन ने इस ओर ध्यान तो दिया है मगर लोगों की बड़ी संख्या के मुक़ाबले ये तैयारी कुछ धीमी दिख रही है.
कई जगहों पर लोग खुले में शौच करते हुए देखे गए और प्रशासन के लिए ये चिंता का विषय बना हुआ है.
दिन भर 'खोया-पाया' से जुड़ी घोषणाएँ होती रहीं और उनमें से ज़्यादातर का अपने परिजनों से मिलना भी हो गया.
बिछड़े परिजनों या दोस्तों से मिलते समय श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गई थीं. वे बेहद भावुक क्षण थे.












