सीडब्लूजी घोटाला: कलमाड़ी पर आरोप तय

सीबीआई की एक अदालत ने राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े घोटाले के सिलसिले में सुरेश कलमाड़ी और नौ अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं.
इनमें आयोजन समिति के महासचिव रहे ललित भनोट और महानिदेशक वीके वर्मा भी शामिल हैं.
कलमाड़ी 2010 में हुए राष्ट्रमंडल खेल की आयोजन समिति के प्रमुख थे और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच उन्हें अप्रैल 2011 में बर्खास्त किया गया था.
कलमाड़ी और उनके नजदीकी सहयोगियों पर धोखेबाजी और खजाने को 90 करोड़ रुपए की हानि पहुंचाने का षडयंत्र रचने के आरोप तय किए गए हैं.
घोटाला
सभी अभियुक्त सोमवार को अदालत में पेश किए गए.
सीबीआई के आरोपपत्र में कलमाड़ी और अन्य अभियुक्तों पर खेलों की तैयारी के दौरान 'स्विस टाइमिंग' नाम की कंपनी को गैर कानूनी तरीके से फायदा पहुंचाने के आरोप हैं.
सीबीआई की अदालत ने पिछले साल 21 दिसंबर को कहा था कि सभी 10 अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप तय किए जाएंगे.
अभियुक्तों में कलमाड़ी के अलावा राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के महासचिव ललित भनोट, महानिदेशक वीके वर्मा, पूर्व महानिदेशक (खरीद) सुरजीत लाल, पूर्व संयुक्त निदेशक (खेल) एएसवी प्रसाद और पूर्व कोषाध्यक्ष एम जयचंद्रन शामिल हैं.

ये सभी लोग अब किसी खेल संस्था से नहीं जुड़े हैं.
सीबीआई की छानबीन
धोखेबाजी और षड़यंत्र के अलावा अभियुक्तों पर जालसाजी और आपराधिक दुर्व्यवहार के आरोप भी तय होंगे.
कलमाड़ी को 25 अप्रैल 2011 को गिरफ्तार किया गया था और वो नौ महीनों तक दिल्ली की तिहाड़ जेल में रहे. दिल्ली हाई कोर्ट ने 19 जनवरी 2012 को उन्हें जमानत दी जिसके बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी.
राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भ्रष्टाचार के बारे में विभिन्न रिपोर्टों के बाद केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने इस मामले को सीबीआई को सौंपा था.
सीबीआई ने इस बारे में गहन छानबीन की और कलमाड़ी के कई नजदीकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया.












